बिहार के मधुबनी में बड़ा हादसा, 5 बच्चों की एक साथ डूबने से मौत; सम्राट चौधरी ने किया मुआवजे का ऐलान
मधुबनी जिले के बिस्फी में बुधवार को पानी से भरे गड्ढे में डूबने से एक ही गांव के 5 बच्चों की मौत हो गई। सभी की उम्र 12 से 15 साल के बीच थी। मरने वालों में दो बच्चियां भी शामिल हैं। सीएम सम्राट चौधरी ने पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
बिहार के मधुबनी जिले में बुधवार को एक दुखद हादसे में 5 बच्चों की जान चली गई। सभी बच्चे पानी से भरे एक गड्ढे में नहाने गए थे। उसमें डूबने से उनकी मौत हो गई। यह घटना बिस्फी के पतौना थाना क्षेत्र स्थित केरवार गांव की है। तीन बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो को नाजुक हालत में अस्पताल ले जाया गया और उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सभी बच्चे उसी गांव के रहने वाले थे। इस घटना के बाद परिजन में कोहराम मच गया, पूरे गांव में मातम का माहौल है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।
मृतक बच्चों की उम्र 12 से 15 साल के बीच थी। इनमें दो लड़कियां और तीन लड़के शामिल हैं। मृतकों की पहचान केरवार गावं निवासी ललित पंडित की 12 साल की बेटी सलोनी कुमारी, छोटे पंडित के 15 साल के बेटे अभिषेक, दिनेश पंडित के 13 वर्षीय बेटे प्रशांत एवं 10 साल के बेटे रिंकु कुमार और नुनु पंडित की 12 साल की बेटी स्नेहा कुमारी के रूप में हुई है। इनमें रिंकु और प्रशांत दोनों सगे भाई थे।
घटना की सूचना मिलते ही बिस्फी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
जेसीबी से खोदा गया था गड्ढा, एक को बचाने में बाकी भी डूबे
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में एक निजी जमीन पर जेसीबी से गड्ढा खोदा गया था। उसमें पानी भरा हुआ था। सभी बच्चे भीषण गर्मी के चलते उसमें नहाने चले गए थे। एक बच्चा गहरे पानी में डूबने लगा, जिसे बचाने के प्रयास में अन्य भी डूबते चले गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन मालिक ने मिट्टी खनन के लिए गड्ढा खोद रखा था। उसकी गहराई 10 से 15 फीट है। गड्ढे के आसपास कोई बाड़ेबंदी भी नहीं की गई है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों ने जमीन मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सीएम ने जताया दुख, पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख मुआवजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा, “शोक संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें एवं परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दें।” सीएम ने आपदा प्रबंधन विभाग को मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश भी दिया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


