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आंगनबाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों ने हंगामा कर की नारेबाजी

आंगनबाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों ने हंगामा कर की नारेबाजी

मधुबन पंचायत के वार्ड आठ में आंगनबाड़ी केन्द्र संख्या तीन पर टीएचआर वितरण में गड़बड़ी को लेकर मंगलवार को पोषक क्षेत्र के ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए सीडीपीओ और सेविका के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामा कर रहे ग्रामीणों का आरोप था कि सेविका किरण कुमारी और सहायिका रिंकी देवी की मनमानी चरम पर है। इस केंद्र पर पढ़ने वाले 3 से 6 साल के बच्चों को नियमित रूप से मीनू के मुताबिक पोषाहार नहीं दिया जाता है।

इतना ही नहीं 28 कुपोषित और 12 अतिकुपोषित बच्चे सहित धात्री और गर्भवती महिलाओं को नियमित टीएचआर भी नहीं दिया जाता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि पोषाहार में सबसे निम्न स्तर का खाद्य सामग्री और दाल बच्चों को खिलाया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर बच्चे उछल कूद करते रहते हैं और सेविका व सहायिका अपने घर के कार्यों में मशगूल रहती हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर सीओ सह सीडीपीओ विजय कुमार राय आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचकर केंद्र का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान बच्चों के लिए बनाए गये दाल को सीओ ने ग्रामीणों की मौजूदगी में देखा और उसे घटिया बताया। सीओ ने बताया कि ग्रामीणों की मांग बिल्कुल जायज है। मानक के अनुसार कुपोषित, अति कुपोषित बच्चों को ढाई किलो चावल, सवा किलो दाल, 450 ग्राम सोयाबीन दिया जाना है। अतिकुपोषित महिलाओं के बच्चों को चार किलो चावल, दो किलो दाल, 850 ग्राम सोयाबीन दी जाती है। धात्री महिलाओं को साढे़ तीन किलो चावल, ढाई किलो दाल, 450 ग्राम सोयाबीन देना है। आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका के द्वारा मानक के अनुसार टीएचआर का वितरण नहीं किया जा रहा है। सीओ सह सीडीपीओ श्री राय ने बताया कि जांच रिपोर्ट वरीय अधिकारी को भेजी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सेविका और सहायिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आंगनवाड़ी सेविका किरण कुमारी और सहायिका पिंकी देवी ने बताया कि गांव के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा आये दिन आंगनवाड़ी केंद्र में गंदगी फैलाया जाता है। यह भी बताया गया कि आंगनवाड़ी केंद्र अस्पताल भवन में चलाया जाता है। इसके लिए भवन आधा अधूरा बनकर वर्षों से अधर में लटका है। सीओ ने कहा कि इसकी जांच पड़ताल की जाएगी ।

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  • Web Title: Villagers at the Anganwadi Center