Threat to the existence of minority girls hostels - अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल के अस्तित्व पर खतरा DA Image

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अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल के अस्तित्व पर खतरा

अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल के अस्तित्व पर खतरा

टीपी कॉलेज मैदान के पीछे गुमती नदी के किनारे अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल के निर्माणाधीन तीन मंजिला भवन के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। हॉस्टल के पास गुमती नदी का कटाव शुरू होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। लेकिन हॉस्टल निर्माण के लिए स्थल का चुनाव को लेकर सवाल खड़े किये जाने लगे हैं।

हॉस्टल का निर्माण कल्याण विभाग द्वारा कराया जा रहा है। 100 बेड के हॉस्टल का तीन मंजिला भवन बनकर तैयार हो गया है। 2.84 करोड़ रुपये की लागत से गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण एक वर्ष पहले शुरू किया गया था। हॉस्टल का निर्माण मार्च 2019 में पूर्ण किया जाना था।

निर्माण कार्य पूर्ण कर हॉस्टल अभी विभाग को सुपुर्द नहीं किया गया है। निर्माण कार्य में शिथिल के कारण भवन निर्माण विभाग ने संबंधित निर्माण एजेंसी को तीन बार नोटिस भेज चुका है। इसके बावजूद हॉस्टल निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। हॉस्टल कल्याण विभाग को सुपुर्द किये जाने के पहले ही उसके अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है।

गुमती नदी के कटाव से निर्माणाधीन हॉस्टल को खतरा होने की सूचना मिलते ही डीएम नवदीप शुक्ला के निर्देश पर एनडीसी रजनीश कुमार राय ने अभियंताओं की टीम के साथ स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कटाव रोकने के लिए बालू का बोरा गिराया गया। दूसरी ओर मुहल्ले के पिंटू यादव, नीरज यादव, संजय साह, सोनू, ललटू आदि ने कहा कि हॉस्टल को नदी से कटाव से नहीं बचाया गया तो कई भवन भी कटाव की चपेट में आ सकते हैं। डीएम नवदीप शुक्ला ने बताया कि नदी के कटाव से हॉस्टल को बचाने के लिए फ्लड फाइटिंग के तहत कार्य किया जा रहा है।

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  • Web Title:Threat to the existence of minority girls hostels