
ससमय मानदेय नहीं मिलने से स्वच्छताग्रही परेशान
कुमारखंड के परमानंदपुर पंचायत में स्वच्छताग्रही अगस्त 2021 से केवल 6 महीने का मानदेय मिले हैं। उन्हें समय पर भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत के 13 वार्डों के लिए 32 स्वच्छताग्रही नियुक्त किए गए हैं, लेकिन जानकारी की कमी और भुगतान में देरी से परेशान हैं।
कुमारखंड ,निज संवाददाता। परमानंदपुर पंचायत में स्वच्छताग्रही समय पर मानदेय भुगतान नहीं होने से परेशान नजर हैं। बताया गया कि स्वच्छताग्रही को अगस्त 2021 से अब तक सिर्फ 6 महीने का ही मानदेय (मजदूरी) मिला है। पंचायत के सभी कचरा प्रबंधन (स्वच्छ भारत अभियान) के तहत काम करने वाले स्वच्छताग्रही का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधि उन लोगों को सही जानकारी नहीं देते हैं। लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट उत्पन्न है। मालूम हो कि परमानंदपुर पंचायत के 13 वार्डों के लिए कुल 32 स्वच्छताग्रही नियुक्त किया गया था। समय पर विभाग से मानदेय नहीं मिल पाता है।
समय-समय पर प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। इन लोगों का कहना है कि अगर एक दिन भी कार्य में देरी हो जाती है तो जन प्रतिनिधि, विभाग और आम लोग नाराज होकर शिकायत करने लगते हैं। कचरा प्रबंधन में काम करने वाले स्वच्छताग्रही गीता देवी, बबीता देवी, ब्रह्मदेव मंडल, विक्रम मलिक, सहदेव पासवान, नीतीश कुमार, विनोद मलिक, अरुण पासवान, सुरेश राम, जयकुमार साह, योगेंद्र ऋषिदेव, धीरेंद्र शर्मा और दिगमलाल ऋषिदेव का कहना है कि प्रत्येक वार्ड में कम से कम दो कर्मी होना चाहिए। से सिर्फ तीन हजार रुपए अल्प मानदेय के रूप में मिलता है। इस संबंध में स्वच्छता अभियान के प्रखंड कॉर्डिनेटर रमन कुमार राणा का कहना है कि सरकार ने जो स्वच्छता ग्रही के लिए मानदेह तय किया है, अभी फिलहाल वही दिया जा रहा है।

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