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चौठ चांद पर्व और तीज को लेकर बाजार में रही रौनक

चौठ चांद पर्व और तीज को लेकर बाजार में रही रौनक

चौठ चांद पर्व को लेकर शहरी और ग्रमाीण इलाकों की बाजार में चहल-पहल तेज हो गयी है। बुधवार की शाम होने वाले पर्व के लिए पूजन सामग्री व फलों की खरीदारी में लोग जुटे हैं। पर्व को लेकर बाजार में दूध की मांग भी बढ़ गयी है। सेब, केला, अमरुद आदि फलों की बढ़ी कीमत के कारण श्रद्धालुओं को थोड़ी परेशानी हो रही है, लेकिन पर्व में फलों के उपयोग की बाध्यता को लेकर उसकी खरीदारी की जा रही है। बाजार में सेब 100 रुपये किलो, नारंगी 80 रुपये , अमरुद 30 रुपये किलो मिल रहा था।

वहीं केला 20 से 30 रुपये दर्जन और नारियल प्रति पीस 40 रुपये में बिक रहा है। इस पारंपरिक पर्व को लेकर घरों में साफ-सफाई भी नियम पूर्वक किये जा रहे हैं। उधर, तीज को लेकर भी महिलाएं तैयारी में जुटी हैं। ग्वालपाड़ा। मिथिला क्षेत्र में प्रचलित चौठ चांद पर्व की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। बुधवार की शाम फलों और पकवानों से सजी थालियों और दही का अर्पण कर चंद्र देवता को अर्ध्य प्रदान किया जाएगा।

ऐसी मान्यता है कि मिथ्या कलंक से बचने के लिए यह पर्व मनाया जाता है। पुराणों में इसका वर्णन चंद्र दोष कलंक चतुर्थी के तौर पर किया गया है। भादो मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्थ तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। चौठ चांद पर्व में दही अर्पण की परंपरा से दूध का भाव कई दिनों से आसमान छुने लगा है। केला, सेब, मौसमी, नारंगी, खीरा आदि फलों के दामों में भी काफी इजाफा हो गया है। कुछ लोग चौठ चांद पर्व की जगह हरितालिका व्रत तीज मनाते हैं। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए तीज का त्योहार मनाती हैं। पंचांग के मुताबिक इस बार दोनों पर्व एक ही दिन मनाया जाएगा।

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  • Web Title:Resistance with no payment of construction worker