
फसल कटनी का आंकड़ा ही तय करता है जिले में कृषि की उपज दर
मधेपुरा में पंचायत स्तरीय फसल कटनी प्रयोग का आयोजन हुआ। कृषि सांख्यिकी से संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के क्षमतावर्द्धन पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन डीडीसी अनिल बसाक और अन्य अधिकारियों ने...
मधेपुरा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। पंचायत स्तरीय फसल कटनी प्रयोग को लेकर जिला संख्यिकी कार्यालय के तत्वावधान में मंगलवार को वार्षिक आवृतिचर्या सह प्रशक्षिण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि सांख्यिकी से संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों के क्षमतावर्द्धन पर चर्चा की गयी। कार्यक्रम का उद्घाटन डीडीसी अनिल बसाक, एडीएम अरुण कुमार सिंह, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शिवनाराण राउत, केंद्रीय सांख्यिकी संगठन के वरीय सांख्यिकी पदाधिकारी अमित कुमार और एएसओ विजय कुमार ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में बताया गया कि कृषि वर्ष का सत्र जुलाई से 30 जून तक निर्धारित है। कृषि वर्ष चार मौसमों में बांटा गया है। एक भवई, दूसरा अगहनी, तीसरी रबी और चौथा गर्मा है।

राज्य में अधिसूचित फसलों के न्यायदर्श विधि से पंचायत स्तरीय फसल कटनी के आयोजन और संपादन द्वारा पंचायत, अंचल, जिला और राज्य स्तर पर उपज दर का आकलन किया जाएगा। फसल कटनी प्रयोग की संपूर्ण प्रक्रिया जियो टैग सीसीई एप के माध्यम से क्षेत्र में ही अपलोड किया जाएगा। फसल कटनी प्रयोग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर निदेशालय स्तर से उपज दर आकलित कर सहकारिता विभाग बिहार को भेजा जाता है। कार्यक्रम में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शिव नारायण राउत और सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी राकेश रंजन के द्वारा कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी दी गयी।

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