Madhepura News: उदाकिशनगंज: तीन बेड वाले खाड़ा एपीएचसी में डॉक्टर का इंतजार करते हैं मरीज।

हिन्दुस्तान, मधेपुरा
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Madhepura News: उदाकिशुनगंज के खाड़ा पंचायत स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति न होने से मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। यहां की प्रसव सुविधा शुरू होने के बाद भी एक भी प्रसव नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों की उम्मीदें निराश हो रही हैं।

Madhepura News: उदाकिशनगंज: तीन बेड वाले खाड़ा एपीएचसी में डॉक्टर का इंतजार करते हैं मरीज।

Madhepura News: उदाकिशुनगंज एक प्रतिनिधि। खाड़ा पंचायत स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। तीन बेड और एक डिलीवरी बेड की सुविधा वाले इस अस्पताल में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति नहीं होने के कारण मरीजों को समुचित इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि कई बार मरीज डॉक्टर का इंतजार करने के बाद एएनएम से बीमारी के लक्षण बताकर दवा लेकर लौट जाते हैं। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीज चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। इस संबंध में पीएचसी प्रभारी डॉ. रुपेश कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने मामले की जानकारी लेने की बात कही। इसके करीब दो घंटे बाद डॉ. प्रवीण कुमार अस्पताल पहुंचे।

चिकित्सकों की तैनाती

सप्ताह में चार दिन चिकित्सकों की तैनाती : जानकारी के अनुसार खाड़ा एपीएचसी में सप्ताह में चार दिन चिकित्सकों की तैनाती है। मंगलवार और बुधवार को डॉ. प्रवीण कुमार तथा गुरुवार और शनिवार को आयुष चिकित्सक डॉ. प्रकाश कुमार गुप्ता को मरीजों के इलाज के लिए तैनात किया गया है। इसके बावजूद निर्धारित समय पर चिकित्सकों के अस्पताल नहीं पहुंचने की शिकायत सामने आती रही है।

मरीजों की परेशानियाँ

स्थानीय लोगों के अनुसार खाड़ा एपीएचसी में प्रतिदिन करीब 40 से 50 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में डॉक्टर के समय पर उपलब्ध नहीं रहने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। तत्काल इलाज की जरूरत होने पर कई मरीज मजबूरी में ग्रामीण चिकित्सकों से दवा लेते हैं। इससे न केवल उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि समुचित चिकित्सकीय सलाह से भी वंचित होना पड़ता है।

अस्पताल की सुविधाएँ

तीन बेड और डिलीवरी बेड का नहीं हो रहा उपयोग : एपीएचसी में मरीजों को भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराने के लिए तीन बेड की व्यवस्था है। इसके अलावा प्रसव के लिए एक डिलीवरी बेड भी लगाया गया है। लेकिन चिकित्सकों और नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में ये सुविधाएं प्रभावी रूप से उपयोग में नहीं आ पा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है।

प्रसव सुविधा की स्थिति

प्रसव सुविधा शुरू, अब तक नहीं हुआ एक भी प्रसव : खाड़ा एपीएचसी में दो दिसंबर 2024 को प्रसव सुविधा का शुभारंभ किया गया था। तत्कालीन सिविल सर्जन मिथिलेश ठाकुर, डीपीएम प्रिंस कुमार और पीएचसी प्रभारी डॉ. रुपेश कुमार ने पहुंचकर प्रसव सुविधा का उद्घाटन किया था। उस समय अस्पताल में सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक ओपीडी तथा सुबह से शाम पांच बजे तक प्रसव सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में दोपहर दो बजे के बाद अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लटका नजर आता है। प्रसव सुविधा शुरू होने के बावजूद अब तक यहां एक भी प्रसव नहीं हुआ है। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि जब अस्पताल में प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई गई है तो इसका लाभ गर्भवती महिलाओं को क्यों नहीं मिल पा रहा है।

क्षेत्र का महत्व

तीन जिलों की सीमा से सटा है क्षेत्र : खाड़ा पंचायत का यह स्वास्थ्य केंद्र तीन जिलों की सीमा के नजदीक स्थित है। ऐसे में खाड़ा सहित आसपास के कई गांवों के लोग इलाज के लिए इस अस्पताल पर निर्भर हैं। ग्रामीणों को उम्मीद रहती है कि उन्हें स्थानीय स्तर पर चिकित्सकीय सुविधा मिल जाएगी, लेकिन डॉक्टर के समय पर उपलब्ध नहीं होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।

पदाधिकारी की प्रतिक्रिया

क्या कहते है पदाधिकारी : मामले को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी पंकज कुमार घोष ने बताया कि खाड़ा अस्पताल में डॉक्टर के देर से पहुंचने की जानकारी मिली है। डॉक्टर से इस संबंध में स्पष्टीकरण पूछा जाएगा।

सामान्य प्रश्न

खाड़ा एपीएचसी में चिकित्सकों की तैनाती कितने दिन होती है?
खाड़ा एपीएचसी में सप्ताह में चार दिन चिकित्सकों की तैनाती है।
Hindustan | Bureau

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