
रूद्र महायज्ञ को लेकर निकला भव्य कलश यात्रा
सिंहेश्वर के राधा कृष्ण मंदिर में श्री रूद्र महायज्ञ एवं श्रीमद भागवत कथा महोत्सव के लिए भव्य कलश यात्रा निकाली गई। हजारों भक्तों ने भाग लिया, जिसमें 1001 कन्याएं शामिल थीं। यात्रा 11 से 17 जनवरी तक चलने वाले महायज्ञ की शुरुआत के रूप में आयोजित की गई, जिसका समापन 18 जनवरी को होगा।
सिंहेश्वर। निज संवाददाता प्रखंड क्षेत्र के राधा कृष्ण मंदिर सतोखर लालपट्टी भैरवपुर में श्री रूद्र महायज्ञ एवं श्रीमद भागवत कथा महोत्सव को लेकर रविवार को भव्य कलश यात्रा निकली गई। सतोखर में आयोजित आठ दिवसीय श्री रूद्र महायज्ञ महायज्ञ को लेकर निकाली गई भव्य कलश यात्रा में हजारों भक्तों ने भाग लिया। यज्ञ स्थल से 1001 कन्याओं के साथ निकली यात्रा में गाजे- बाजे, घोड़े सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे। कलश यात्रा राधा कृष्ण मंदिर परिसर सतपोखर से निकली। सतोखर तालाब में जल भर कर भैरवपुर से सिंहेश्वर गमहरिया मुख्य मार्ग में राधा कृष्ण चौक से फिर सतोखर लालपट्टी की तरफ गई।
इसके बाद श्रद्धालुओं का जत्था जयकारा लगाते हुए यज्ञ स्थल तक पहुंचा। आचार्य कैलाश बाबा की देख रेख में महायज्ञ प्रारंभ हुआ। खगेश यादव व कैलाश ठाकुर आदि ने बताया कि 11 से 17 जनवरी तक आयोजित सात दिवसीय श्री रूद्र महायज्ञ एवं श्रीमद भागवत कथा महोत्सव में देवी- देवताओं का आह्वान किया जाएगा। वहीं 17 जनवरी को कथा विसर्जन और 18 जनवरी को यज्ञ की पूर्णाहुति होगी। ढोल व मंजीरे की धुन पर झूम रहे थे श्रद्धालु व संत:: आठ दिवसीय श्री रूद्र महायज्ञ एवं श्रीमद भागवत कथा महोत्सव महायज्ञ के आयोजन के पहले दिन कलश यात्रा में हजारों भक्तों ने भाग लिया। कलश यात्रा में महिलाएं सिर पर आगे-आगे कलश लेकर चल रही थीं। ढोल व मंजीरे की धुन पर पीछे श्रद्धालु व संतजन झूमते हुए चल रहे थे। यज्ञ स्थल तक निकली गई भव्य कलश यात्रा में क्षेत्र के बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी लोगों ने सहभागिता की। मंगल गीत गाए जा रहे थे, कलश यात्रा में लोग डमरू बजाते हुए नृत्य करते हुए चल रहे थे। श्रीमद भागवत कथा प्रवक्ता संत श्री राघव शरण जी महाराज को सुनने उमड़ेगी भीड़ : श्रीमद भागवत कथा प्रवक्ता संत श्री राघव शरण जी महाराज की प्रेरणा से आठ दिवसीय महायज्ञ का आयोजन के पहले दिन काफी भीड़ रही। महायज्ञ में हवन, पूजन के साथ संत श्री राघव शरण जी महाराज से सनातन धर्म संस्कृति के साथ साथ सनातन प्रेमियों को पुराणों का श्रवण करने का सौभाग्य एवं धर्म संस्कृति से संबंधित प्रवचन सुनने का भी अवसर प्राप्त होगा। आचार्य पंडित कैलाश ठाकुर ने बताया महायज्ञ का समापन 18 जनवरी को पूर्णाहुति एवं ब्राह्मण भोज, भंडारा के साथ होगा।

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