
विभागीय उदासीनता का दंश झेल रहा है राजकीय नलकूप
कुमारखंड में लघु सिंचाई और नलकूप विभाग द्वारा निर्मित तीन सरकारी नलकूप 16 वर्षों बाद भी चालू नहीं हुए हैं। इससे किसानों को सिंचाई की सुविधा नहीं मिल रही है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। अधिकारी उचित कार्रवाई का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन स्थिति में सुधार की कोई ठोस योजना नहीं दिख रही है।
कुमारखंड, निज संवाददाता।लघु सिंचाई व नलकूप विभाग द्वारा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में नलकूप की स्थिति बदतर है। प्रखंड के रामनगर महेश, घोडदौल व पुरैनी में तीन अलग-अलग राजकीय नलकूप का निर्माण 16 वर्ष पूर्व ही करवाया गया था। लेकिन एक दिन भी इससे खेतों तक पानी नहीं जा सका। ये तीनों नलकूप बगैर चालू हुए ही खराब हो गया है। कृषि योग्य जमीन में सिंचाई के साधन को सर्व सुलभ ढंग से तैयार करने की योजना सरकार द्वारा तो बना दी जाती है, मगर उसे क्रियान्वित कर आम लोगों के लिए लाभकारी योजना बनाने में कहीं ना कहीं विभागीय अधिकारी रुचि नहीं ले पाते हैं।
नलकूप विभाग द्वारा वर्ष 2009 में कुमारखंड प्रखंड के रामनगर महेश, इसराइन बेला के घोड़दौल और पुरैनी पंचायत में एक-एक राजकीय नलकूप बनवाया गया। राय कंस्ट्रक्शन पटना के द्वारा गड़वाये गए 330 फीट बोरिंग पाइप वाले नलकूप के वर्षों बाद पंप हाउस और बिजली व्यवस्था तो करवाई गई। लेकिन नलकूप के पोषक क्षेत्रों में खेतों पर पाइप अभी तक नहीं बिछाई जा सकी। राजकीय नलकूप के बनने के बरसों बीत जाने के बाद भी अभी तक किसानों के खेतों में नलकूप का पानी नहीं पहुंचने से हजारों एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई की व्यवस्था सर्व सुलभ नहीं हो पाई है। आखिर लाखों रुपए खर्च कर इस योजना को अमलीजामा पहनाने का काम किया गया। लेकिन उसका सही सदुपयोग नहीं हो पाना विभागीय उपेक्षा और सरकार के खजाने का दुरुपयोग ही माना जाएगा। बेहतर नलकूप से बढ़ेगी कृषि पैदावार : राजकीय नलकूप चालू हो जाने से प्रखंड क्षेत्र के लगभग 2000 हेक्टेयर कृषि योग्य जमीन में सिंचाई सुविधा सर्व सुलभ हो जाएगी। इससे समय पर खेतों में पानी मिल सकेंगे और पैदावार अच्छी हो पाएगी तथा किसान खुशहाल हो सकेंगे। लेकिन विभाग है कि उपेक्षा के सिवा कुछ भी ठोस कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहे हैं। कृषि के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाकर कृषक वर्ग के उत्थान की योजना पर मानो ग्रहण सा लगता हुआ दिख रहा है। कहते हैं इस इलाके के किसान : क्षेत्र के किसान रामनगर महेश के अशोक कुमार झा, मो. मूसा, देवेश झा, संजय ठाकुर, अजीत कुमार झा, कुमुदानंद ठाकुर, राजीव मेहता मंगलवाड़ा के भोला प्रसाद यादव, नित्यानंद पासवान, गौरीशंकर चौधरी, मो सुभान अली, परमानंदपुर के राजेंद्र सिंह ,शैलेन्द्र कुमार सिंह, देवनारायण मेहता, विद्यानंद मेहता, इसराइन बेला के अखिलेश कुमार झा, भीम शंकर झा, निर्मल झा, वीरेन्द्र झा सहित अन्य किसानों का कहना है कि राजकीय नलकूप के चालू नहीं होने से क्षेत्र के किसानों पर व्यापक असर देखा जा रहा है। विभाग को इस दिशा में ठोस कार्रवाई यथाशीघ्र करने की आवश्यकता है। कहते हैं अधिकारी - इस संबंध में पुन: स्टीमेट बनाने का निर्देश विभाग से प्राप्त हुआ है, एप्रूवल मिलने पर आगे की समुचित कार्रवाई की जाएगी। - अनील कुमार, जेई , लधु सिंचाई, कुमारखंड। फोटो केएमडी 2 - रामनगर महेश में चालू होने के इंतजार में बना पड़ा राजकीय नलकूप

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