Madhepura News: पानी घटने के बाद भी कम नही हो रही परेशानी
Madhepura News: कोसी नदी की सहायक नदी में जल स्तर घटने से राहत की उम्मीद है, लेकिन प्रभावित लोगों की परेशानियाँ अभी भी जारी हैं। दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग आवागमन और दैनिक कार्यों के लिए नावों पर निर्भर हैं। उनके लिए राहत कार्य, जैसे कि कम्युनिटी किचन और सूखा राशन का वितरण किया जा रहा है।

Madhepura News: चौसा, निज संवाददाता। कोसी की सहायक नदी में जल स्तर घटने से राहत की उम्मीदें तो जगी है, लेकिन बाढ़ से प्रभावित हुए लोगों की परेशानी अभी कम नहीं हो पायी है। बाढ़ से प्रभावित हुए करीब दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों को आवागमन के साथ साथ दैनिक कार्य करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। प्रभावित लोगों को घर-गृहस्थी के कार्यो के लिए नाव से ही आवागमन करने की विवशता बनी है। बताया गया कि फुलौत पूर्वी, फुलौत पश्चिमी, मोरसंडा, चिरौरी, लौआलगान पूर्वी व लौआलगान पश्चिमी, पैना, अरजपुर पश्चिमी और चौसा पश्चिमी पंचायत का अधिकांश हिस्सा बाढ़ की चपेट में है। फुलौत पश्चिमी पंचायत के सपनी मुसहरी, घसकपुर, पनदही बासा, झंडापुर बासा, तियर टोला, फुलौत पूर्वी पंचायत के बड़ी खाल, बर बिग्घी, पिहोरा बासा, करैल बासा, अनुप नगर, मोरसंडा पंचायत के करैलिया मुसहरी, जपती टोला, धानेमाने डीह, घनेशपुर, रामचरण टोला, अमनी बासा, मोरसंडा गोठ और लौआलगान पश्चिमी पंचायत के शंकरपुर, अभिरामपुर, सिंघिया टोला, तुलसीपुर, लौआलगान पूर्वी पंचायत के पौड़ा टोला, बिनटोली, खोपड़िया, अरजपुर पश्चिमी पंचायत के खलीफा टोला, भटगामा गोशाला, चौसा पश्चिमी पंचायत के पुनामा बासा, लट्टो बासा, सहोरा टोला सहित कई गांव में अभी भी लोगों की परेशानी कम नहीं हो पायी है। मोरसंडा के सुरेंद्र कुमार चौधरी, बबलू भगत, सदानंद मंडल, निर्मल भगत, पंजाबी पासवान, शंभू राम ने कहा कि उन लोगों का गांव करीब बीस दिनों से चारों ओर पानी से घिरा हुआ है। लेकिन अभी तक बाढ़ सहायता नहीं मिली है। उधर सीओ उदय कांत मिश्र ने कहा कि कोसी नदी में शुक्रवार से ही जलस्तर घटने लगा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाके में चार जगहों पर कम्यूनिटी किचन चलाया जा रहा है। कुछ प्रभावित लोगों के बीच सूखा राशन का पैकेट भी वितरण किया जा रहा है。
चार जगहों पर शुरू किया गया कम्युनिटी किचन
चौसा। बाढ़ से प्रभावित हुए अलग-अलग जगहों पर कम्यूनिटी किचन शुरू किया गया है। कम्यूनिटी किचन के अलावा प्रभावित इलाकों में पशु चारा और स्वास्थ्य सेवा के लिए मेडिकल टीम नियमित रूप से काम कर रही है। सीओ उदय कांत मिश्र ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित हुए मोरसंडा, करैलिया मुसहरी, अमनी बासा और सपनी मुसहरी में प्रभावित हुए लोगों के बीच कम्यूनिटी किचन शुरू कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित हुए अलग-अलग जगहों के करीब डेढ़ हजार लोगों के बीच सूखा राशन का पैकेट वितरण किया गया है। जबकि 150 प्रभावित परिवारों के बीच प्लास्टिक किट का भी वितरण किया गया है। मेडिकल टीम भी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही।
शाम ढलते ही बंद हो जाता है नाव का परिचालन :::
चौसा। बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए नाव का परिचालन कराया जा रहा है। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में शाम ढलने के बाद नाव का परिचालन बंद कर दिया जाता है। इसके बाद से संबंधित गांव में आवाजाही करने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नाविकों की माने तो उन्हें नाव का परिचालन सूर्यास्त के पूर्व ही बंद रखने का आदेश दिया गया है। शाम ढलने के बाद नव परिचालन पर रोक लगा दी गयी है।


