14 से 20 अप्रैल तक चलेगा अभियान, पहले दिन श्रद्धांजलि, सेफ्टी डेमो और इमरजेंसी रिस्पॉन्स का रियल टेस्ट
मधेपुरा में 'अग्निशमन सेवा सप्ताह' की शुरुआत प्रभावी तरीके से हुई। पहले दिन शहीद अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। अस्पतालों में मॉक ड्रिल कर आपात स्थिति में निपटने की तैयारी का परीक्षण किया गया। कार्यक्रम में अग्नि सुरक्षा जागरूकता के कई गतिविधियाँ संचालित की गईं। अगले दिनों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे।

मधेपुरा, प्रतिनिधि। जिले में ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह (14झ्र20 अप्रैल, 2026)’ की शुरुआत सोमवार को बेहद प्रभावी और अनुशासित तरीके से हुई। अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी, मधेपुरा के नेतृत्व में पहले दिन शहीद अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई, वहीं शहर के प्रमुख अस्पतालों में मॉक ड्रिल कर आपदा से निपटने की तैयारियों का वास्तविक परीक्षण किया गया।सुबह 6:30 बजे फायर स्टेशन परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अग्निशमन कर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद जवानों के बलिदान को याद किया। इस दौरान अग्नि सुरक्षा के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दोहराया गया।इसके बाद दिनभर शहर में सुरक्षा जागरूकता को लेकर कई अहम गतिविधियां संचालित की गईं।
सदर अस्पताल, मधेपुरा और जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अग्निशमन विभाग की टीम ने मॉक ड्रिल आयोजित कर इमरजेंसी हालात से निपटने का लाइव प्रदर्शन किया।ड्रिल के दौरान अचानक आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अग्निशमन कर्मियों ने अस्पताल स्टाफ के साथ मिलकर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने, फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग, धुएं से बचाव और इवैक्यूएशन प्लान के क्रियान्वयन का अभ्यास कराया। मौके पर मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को भी व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि किसी भी वास्तविक घटना में त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया दी जा सके।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर आग की घटना बेहद घातक साबित हो सकती है। ऐसे में नियमित मॉक ड्रिल और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। कार्यक्रम के अंत में मीडिया के जरिए इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया, ताकि आम लोग भी अग्नि सुरक्षा के प्रति सजग हो सकें।आने वाले दिनों का एक्शन प्लानजारी कार्यक्रम के मुताबिक 15 अप्रैल को स्कूलों में बच्चों को फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण और उपकरणों का डेमो दिया जाएगा। 16 अप्रैल को साइक्लोथॉन रैली और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के जरिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी। 17 अप्रैल को दुकानों व होटलों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच और विद्युत विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण होगा।18 अप्रैल को पंचायत स्तर पर ग्रामीणों के बीच नुक्कड़ कार्यक्रमों के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी, जबकि 19 अप्रैल को औद्योगिक इकाइयों में मॉक ड्रिल और इवैक्यूएशन प्लान का अभ्यास कराया जाएगा। अभियान के अंतिम दिन 20 अप्रैल को एलपीजी गैस से होने वाली आग की घटनाओं पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होगा।
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