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21 सितम्बर, 2020|5:05|IST

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चचरी पुल से आवागमन करना मजबूरी

चचरी पुल से आवागमन करना मजबूरी

आलमनगर के सिंहार पंचायत के केशोपुर ड्रेनेज पर पुल नहीं बनने से करीब एक दर्जन के लोग प्रभावित हो रहे हैं। गांवों के लोग चचरी पुल से आवागमन करने को मजबूर हैं। आवाजाही के दौरान हादसा होने की आशंका बनी रहती है। गांवों के लोग कई वर्षों से पुल निर्माण की मांग करते आ रहे हैं लेकिन क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से नहीं लिया है।

इस क्षेत्र में करीब एक दर्जन जगहों पर पुल के नहीं रहने से लोग चचरी पुल या फिर नाव के सहारे नदी पार करते हैं।। ग्रामीण कमलेश्वरी साह, राजकुमार शर्मा, दुखा शर्मा, नंदलाल शर्मा, विजय पासवान, राजन साह, कारी मंडल आदि ने कहा कि वर्ष 1971 के करीब नदी के दूसरे पार स्थानीय लोग बसने लगे थे। लेकिन आवाजाही के लिए आजतक पुल का निर्माण संभव नहीं हो पाया। खासकर रात के समय छोटे-छोटे बच्चों के चचरी पुल पार करने के दौरान हमेशा हादसा होने का डर बना रहता है।

ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव के दौरान नेताओं से हर बार पुल निर्माण की मांग की जाती है। नेता चुनाव के दौरान जीतने पर पुल बनवाने का आश्वासन भी देते हैं। लेकिन चुनाव जीतने के बाद विधायक व सांसद अपने वायदे को भूल जाते हैं। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अगर इस बार विधानसभा चुनाव से पूर्व पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो स्थानीय लोग वोट बहिष्कार करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। ग्रामीणों ने कहा कि पुल नहीं रहने के कारण करीब 20 हजार से अधिक की आबादी को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

केशोपुर के अलावे लक्ष्मीनियां, कचहरी टोला, कवैया टोला, टपुआ टोला, पुरैनी बासा, कपसिया बासा, सागर बासा, चोढ़ली बासा, ललिया पुनर्वास, मुरौत, बहुरवा आश्रम, पतलिया बासा सहित अन्य कई जगहों पर नदी में पुल नहीं रहने से लोग भारी परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। इसके बावजूद जनप्रतिनिधि और अधिकारी उदासीन बने हैं। पुल निर्माण निगम के जेई धीरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा पर पुल निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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  • Web Title:Compulsion to move through Chachi Bridge