ब्लैक में 1500 रुपये का मिल रहा रसोई गैस सिलेंडर, LPG संकट पर क्या बोली बिहार सरकार?
बिहार में कई जगहों पर एलपीजी गैस सिलेंडर खरीदने के लिए लोग लाइन में लगे हुए हैं। कई जगहों पर रसोई गैस की किल्लत की भी सूचना है। ऐसे में कालाजाबारी बढ़ गई है। सरकार ने इस पर सख्ती बरती है।

Bihar LPG Crisis: ईरान युद्ध में पश्चिमी एशिया में आए संकट के चलते भारत में एलपीजी की कमी होने की खबर है। इससे बिहार में भी इसका व्यापक असर देखा जा रहा है। कई जिलों में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर खरीदने के लिए लाइनें लगना शुरू हो गया है। गांव से लेकर शहरों तक हाहाकार मचा हुआ है। इस बीच एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। हालांकि, राज्य सरकार ने कालाबाजारी को रोकने के लिए ऐक्शन प्लान भी जारी किया है। इसके बावजूद कई जगहों पर महंगे दामों में सिलेंडर को ब्लैक में बेचा जा रहा है।
सरकार बोली- पर्याप्त ईंधन है
वर्तमान घरेलू ईंधन संकट की स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में घरेलू उपयोग के लिए रसोई गैस सिलेंडर का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। अतः आम उपभोक्ताओं को घबराने या गैस एजेंसियों के पास अनावश्यक रूप से भीड़ लगाने की आवश्यकता नहीं है। बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बुधवार को यह बयान जारी किया है।
ब्लैक में 1500 रुपये तक का मिल रहा सिलेंडर?
मधुबनी जिले के बाबूबरही में कई दिनों से रसोई गैस को लेकर हाहाकार मचा हुआी है। गैस एजेंसी पर सिलेंडर नहीं मिलने से लोग परेशान हैं। जबकि बाजार में ब्लैक में 1500 रुपये तक में सिलेंडर बेचे जाने की चर्चा सरेआम है। मौजूदा व्यवस्था से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं का यह कहना है कि एजेंसी पर बार-बार जाने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
पटना, वैशाली, पूर्वी चंपारण, दरभंगा, कैमूर समेत कई जिलों में भी एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर लोग कतार में खड़े दिखाई दिए। वितरकों का कहना है कि आपूर्ति कम होने की अफवाहों के कारण बड़ी संख्या में ग्राहक सिलेंडर खरीदने पहुंच रहे हैं। इससे अव्यवस्था उत्पन्न हो रही हैं।
खगड़िया में गैस गोदामों की जांच
जिले के गोगरी में एलपीजी की कालाबाजारी की सूचना पर एसडीओ संजय कुमार ने त्वरित कार्रवाई कर कई गैस गोदामों का औचक निरीक्षण किया। बुधवार को एसडीओ ने दीप गंगा गैस एजेंसी गोगरी जमालपुर, बन्देहरा, पसराहा आदि गैस गौदाम पहुंच कर जांच की। जांच के दौरान स्टॉक एवं वितरण पंजी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि अगर कालाबाजारी की शिकायत मिलेगी तो जांच के बाद संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सम्राट चौधरी बोले- कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बुधवार को कहा कि लोगों को रसोई गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रयास कर रही हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने अधिकारियों को विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं। सरकार ने घरेलू गैस उत्पादन में 10 प्रतिशत वृद्धि का भी आदेश दिया है। घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


