बिहार में शराब लदी कार ने युवक को रौंदा, गुस्साए लोग सड़क पर फोड़ने लगे बोतलें; खूब बवाल
इस घटना से लोगों में बहुत आक्रोश है और उसगाड़ी में रखी शराब की बोतलों को लोग सड़क पर ही फोड़ने लगे। गुस्साए लोगों को पुलिस मनाती रही लेकिन लोग शराब की बोतलें सड़क पर पटकते रहे।

बिहार के छपरा जिले में जमकर बवाल हुआ है। यहां एकमा-मांझी सड़क मार्ग पर नौतन बाजार के समीप रविवार सुबह एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से पान दुकानदार की मौत हो गई। मृतक की पहचान एकमा थाना क्षेत्र के नौतन गांव निवासी 60 वर्षीय मुसाफिर चौरसिया के रूप में की गई है। बताया जाता है कि वे सुबह अपनी पान की दुकान खोलने जा रहे थे, तभी एकमा की ओर से आ रही शराब लदी तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने सड़क पर आग जलाकर जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलते ही एकमा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
वहीं, टक्कर मारने के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और स्थिति को सामान्य करने की कोशिश जारी है। इस घटना से लोगों में बहुत आक्रोश है और उसगाड़ी में रखी शराब की बोतलों को लोग सड़क पर ही फोड़ने लगे। गुस्साए लोगों को पुलिस मनाती रही लेकिन लोग शराब की बोतलें सड़क पर पटकते रहे।
बाजार से घर लौट रहे अधेड़ की हादसे में मौत
आपको बता दें कि शनिवार को छपरा के दरौंदा में भी एक दुखद हादसा हुआ था। यहां दरौंदा प्रखंड में छपरा-सीवान मुख्य सड़क (एनएच-531) पर शनिवार को हुए सड़क हादसे में एक अधेड़ की मौत हो गई। मृतक की पहचान दरौंदा गांव निवासी रघुनाथ राम (55 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि रघुनाथ राम पैदल सड़क पार कर रहे थे, तभी दरौंदा बाजार की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार स्कूटी सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दरौंदा पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
रघुनाथ राम अपने पीछे एक पुत्र और चार पुत्रियां छोड़ गए हैं। बताया जाता है कि वे अपने बेटे मेघु राम के गैरेज पर गए थे और वहीं से लौटने के दौरान यह हादसा हुआ। उनकी पत्नी का निधन करीब सात वर्ष पहले ही हो चुका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


