राम मंदिर ट्रस्ट को लीगल नोटिस, RJD सांसद सुधाकर सिंह ने 4 साल के पैसे का पूरा हिसाब मांगा
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बीच राम जन्मभूमि ट्रस्ट को आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने लीगल नोटिस भेज दिया है। उन्होंने बीते 4 साल में मंदिर में आए दान और खर्च का अलग-अलग ब्योरा सार्वजनिक करते हुए हिसाब देने की मांग की है।

अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद सियासी पारा गर्माया हुआ है। इस बीच बिहार के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कानूनी नोटिस भेज दिया है। उन्होंने बीते 4 सालों में राम मंदिर के लिए मिले दान और हुए खर्चों का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की गई है। आरजेडी सांसद ने यह नोटिस अपने वकील सत्यम सिंह राजपूत के जरिए राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास, महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी समेत अन्य को भेजा गया है।
बक्सर से आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने लीगल नोटिस में ट्रस्ट से कहा है कि वह तीन दिनों के भीतर वित्तीय वर्ष 2021-22 से लेकर 2025-26 तक राम मंदिर में आए दान और सभी खर्चों का पूरा, अलग-अलग मदों वाला ब्योरा और साल-दर-साल का हिसाब-किताब सार्वजनिक करे। इसमें खास तौर पर ऑडिट की गई बैलेंस शीट, आय-व्यय का विवरण, ऑडिटर की रिपोर्ट, बैंक खाते की जानकारी, जमीन खरीद का रिकॉर्ड और FCRA के तहत मिले किसी विदेशी दान का ब्योरा मांगा गया है।
समाजवादी पार्टी ने लगाया था आरोप
यह कानूनी नोटिस अयोध्या से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे के आरोपों के बाद भेजा गया है। पांडे ने दावा किया था कि राम मंदिर के लिए मिले दान में से लगभग सात से साढ़े 7 करोड़ रुपये का गबन किया गया। हालांकि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया था।
समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने बाद में इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की योगी आदित्यनाथ सरकार की इस मामले पर चुप्पी पर भी सवाल उठाए। अखिलेश ने अदालत से इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया है और मंदिर प्रशासन से संबंधित CCTV फुटेज सार्वजनिक करने को भी कहा है।
योगी सरकार ने एसआईटी गठित की, जांच जारी
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद बीते शनिवार को योगी सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया था। इसमें लखनऊ के कमिश्नर, आईजी और सचिव रैंक के अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी ने सोमवार को जांच शुरू की। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी पूछताछ की गई।
चंपत राय के करीबी रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव को भी जांच टीम ने निशाने पर लिया है। टिन्नू से एसआईटी पूछताछ कर रही है, संपत्ति का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है। इसके अलावा, दान राशि की गणना में लगे संदिग्ध कर्मियों की भी जांच जारी है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)


