तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान, छात्र राजद खत्म; अब ‘सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ से देशभर में गूंजेगी आवाज
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने छात्र राजद का नाम बदलकर 'सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया' कर दिया है। उन्होंने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार का खजाना खाली हो चुका है और सत्ता का रिमोट कंट्रोल गुजरात के पास है। तेजस्वी ने जदयू को भाजपा की बी-टीम बताते हुए.…

Bihar News: बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने प्रदेश राजद कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य की राजनीति में बड़े बदलावों के संकेत दिए हैं। तेजस्वी ने छात्र राजद को भंग करते हुए अब नए संगठन 'सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया' के गठन की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नए प्रकोष्ठ का मुख्य उद्देश्य देश भर में शिक्षा और सामाजिक समानीकरण के लिए काम करना होगा।
"बिहार का खजाना खाली, गुजरात से चल रही सरकार"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नीतीश सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में अब मुख्यमंत्री का निर्णय जनता का जनादेश नहीं, बल्कि केवल दो व्यक्ति कर रहे हैं। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि अब बिहार की सरकार दिल्ली के बजाय गुजरात से चल रही है। तेजस्वी ने कहा, "नीतीश कुमार ने अपने 20 वर्षों के शासन में बिहार का खजाना खाली कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप आज भी बिहार देश का सबसे गरीब राज्य बना हुआ है।" उन्होंने बढ़ते अपराध पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में केवल 'कुर्सी-कुर्सी' का खेल चल रहा है, जिससे जनता का कोई लेना-देना नहीं है।
"जदयू अब भाजपा का प्रकोष्ठ, दो महीने में कोई नहीं पूछेगा नीतीश को"
तेजस्वी यादव ने जनता दल यूनाइटेड के भविष्य पर सवाल उठाते हुए उसे भाजपा का एक प्रकोष्ठ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि जदयू के भीतर भाजपा के एजेंट ही सारे बड़े फैसले ले रहे हैं। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि किसी को मंत्री पद का लालच है तो किसी को ठेकेदारी की चिंता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन और पेंशन नहीं मिल रही है, जबकि विधायकों के भुगतान में भी भेदभाव हो रहा है। तेजस्वी ने भविष्यवाणी की कि आने वाले दो महीनों के भीतर नीतीश कुमार को कोई पूछने वाला नहीं बचेगा।
राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग या अनुपस्थित रहने वाले विधायक फैसल रहमान के मामले पर तेजस्वी ने कहा कि पार्टी इस मामले को गंभीरता से देख रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, लालू प्रसाद यादव की याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने से जुड़े सवाल को तेजस्वी चतुराई से टाल गए। उन्होंने अंत में दोहराया कि बिहार में जो भी नया राजनीतिक समीकरण बनेगा, वह जनता का मुख्यमंत्री नहीं बल्कि समझौतों की उपज होगा, जिससे बिहार की स्थिति और अधिक खराब होने वाली है।


