भूमिहीन सवर्ण परिवार को मिले 5 डिसमिल घर की जमीन, नीतीश सरकार से आयोग की सिफारिश

Sudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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सवर्ण आयोग ने उच्च जातियों के सभी गरीबों के लिए शतप्रतिशत ईडब्लूएस प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश जिलाधिकारियों को दिया है। गरीब सवर्ण परिवारों के वास के लिए 5 डिसमिल देने का अनुरोध किया गया है।

भूमिहीन सवर्ण परिवार को मिले 5 डिसमिल घर की जमीन, नीतीश सरकार से आयोग की सिफारिश

बिहार की उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग (सवर्ण आयोग) ने राज्य में उच्च जातियों के सभी गरीबों के लिए शतप्रतिशत ईडब्लूएस प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश जिलाधिकारियों को दिया है। इसके लिए होने वाली कठिनाइयों का निराकरण करने का निर्देश सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को दिया गया है। आयोग ने उच्च वर्ग के गरीब भूमिहीनों को घर बनाने के लिए पांच डिसमिल जमीन देने की सिफारिश सरकार से किया है।

शुक्रवार को नेहरू मार्ग (बेली रोड) स्थित कार्यालय में आयोग की समीक्षा बैठक में अध्यक्ष डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह ने उक्त निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि ईडब्लूएस नियमावली में कुछ त्रुटियां हैं। इसमें सुधार के लिए सामान्य प्रशासन विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से बातचीत करने की जरूरत बताई गई है। साथ ही, आयोग ने सभी जिलों से अबतक जारी किए गए ईडब्लूएस प्रमाण पत्रों की संख्या, अस्वीकृत एवं लंबित मामलों की संख्या की जानकारी मांगी है। बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, सदस्य राजकुमार सिंह, जयकृष्ण झा, दयानंद राय शामिल हुए।

बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि प्रमंडल स्तरीय भ्रमण एवं बैठक के बाद पिछले सात माह में आयोग द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। सभी नौ प्रमंडलों से प्राप्त सुझाव एवं परेशानियों की समीक्षा हुई। राज्य सरकार से उच्च जातियों के सभी गरीब- भूमिहीनों के लिए पांच डिसमिल बासगीत भूमि उपलब्ध कराने, छात्र-छात्राओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग, छात्रावास की व्यवस्था करने, प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्र सीमा बढ़ाकर लड़कों के लिए 40 वर्ष एवं लड़कियों के लिए 45 वर्ष करने का अनुरोध किया गया है।

सवर्ण आयोग का मानना है कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से गरीब परिवारों की आबादी 25.09 प्रतिशत है। वहीं इस वर्ग में 10 हजार रुपये मासिक आय वाले लोग 49.07 प्रतिशत हैं। इस वर्ग को आगे बढ़ने के लिए सरकार से सहायता की जरूरत है। इसे देखते हुए आवास, पढ़ाई और रोजगार के लिए अनुरोध किया गया है।

दरअसल आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग के बीच केंद्र सरकार ने अपर कास्ट के गरीब लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। इसे ईडब्ल्यूएस के नाम से जाना जाता है। पिछले दिनों शिकायत मिल रही थी कि ईडब्ल्यूएस का प्रमाण पत्र हासिल करने में कठिनाई हो रही है। सवर्ण आयोग ने इसे लेकर जिला प्रशासन को निर्देश दिया है। इसके साथ गरीब परिवारों को आवासन के लिए पांच डिसमिल जमीन देने का अनुरोध सरकार से किया है।

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टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।

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