7 दिन में धड़ाधड़ पूरे होंगे जमीन के लंबित काम, दिलीप जायसवाल ने सीओ-आरओ को टाइट किया; संडे को भी छुट्टी नहीं

वार्ता, पटना
Follow us on Google News
share

बिहार में राजस्व महाभियान के दौरान प्राप्त जमीन से जुड़े आवेदनों का निपटारा करने के लिए 11 से 17 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। मंत्री दिलीप जायसवाल ने सभी सीओ और आरओ को चेतावनी दी है कि इसमें कोई कोताही नहीं बरतें। रविवार को छुट्टी के दिन भी अंचलों में काम होगा। 

7 दिन में धड़ाधड़ पूरे होंगे जमीन के लंबित काम, दिलीप जायसवाल ने सीओ-आरओ को टाइट किया; संडे को भी छुट्टी नहीं

बिहार के अंचलों में जमीन से जुड़े लंबित काम 7 दिन में पूरे किए जाएंगे। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने गुरुवार से विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया है। विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने राज्य के सभी अंचलाधिकारी (सीओ), राजस्व पदाधिकारी और राजस्व कर्मचारियों को इस अवधि में लाखों रैयतों (जमीन मालिकों) से जुड़े कामों को पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि 11 से 17 जून तक लगातार विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस बीच पड़ने वाली रविवार की छुट्टी के दिन भी काम जारी रहेगा।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने मंगलवार को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों रैयतों से जुड़े भूमि अभिलेखों के सुधार, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा आधारित नामांतरण के मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से पिछले साल चलाए गए राजस्व महा-अभियान के दौरान जो आवेदन प्राप्त हुए थे, उनका 17 जून तक निपटारा कर दिया जाएगा। इसके लिए राज्यभर के अंचलों में 7 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा।

महाअभियान में आए थे 46 लाख आवेदन

दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार सरकार ने पिछले साल 16 अगस्त 2025 से 20 सितंबर 2025 तक ऐतिहासिक राजस्व महाअभियान चलाया था। इस दौरान राज्य के सभी हल्कों में शिविर लगाकर रैयतों से डिजिटल जमाबंदी में त्रुटि सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन करने, उत्तराधिकार आधारित नामांतरण एवं बंटवारा आधारित नामांतरण से संबंधित आवेदन लिए गए थे। इस दौरान राज्य भर में कुल 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे।

31 मार्च थी डेडलाइन, अभी तक लंबित आवेदन

मंत्री ने कहा कि अगले चरण में इन सभी आवेदनों की स्कैनिंग, संबंधित पोर्टलों पर अपलोडिंग के बाद अभियान चलाकर समयबद्ध निष्पादन की कार्रवाई की जानी थी। विभाग द्वारा इसके लिए समय-समय पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। 31 मार्च 2026 तक सभी आवेदनों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके बावजूद कई जिलों में काम पूरा नहीं हो पाया। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अब तक 81.91 प्रतिशत आवेदनों की स्कैनिंग ही की जा सकी है, जबकि मात्र 26.43 प्रतिशत आवेदन संबंधित पोर्टलों पर अपलोड किए गए हैं।

विशेष अभियान में होंगे दो काम

मंत्री ने कहा कि लाखों रैयतों के आवेदन लंबित हैं, जो गंभीर और चिंताजनक विषय है। यह किसी तरह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि विशेष शिविर के दौरान दो प्रमुख कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पहला, महा-अभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की स्कैनिंग की जाएगी। दूसरा, सभी आवेदनों को संबंधित पोर्टलों पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद तीसरे चरण में आवेदनों का यथासंभव त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे लोगों को जमीन संबंधी मामलों में अनावश्यक रूप से इंतजार ना करना पड़े।

अंचलों में तैनात रहेंगे सभी कर्मी, अमीनों की भी ड्यूटी लगेगी

दिलीप जायसवाल ने निर्देश दिए हैं कि विशेष अभियान के दौरान 11 से 17 जून तक बिना किसी रुकावट के लंबित कार्य पूरे किए जाएंगे। रविवार को भी अवकाश नहीं रहेगा। इसके लिए सभी अंचलों में तैनात कर्मचारियों को इस काम में लगाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य के अधिकांश जिलों में कार्यरत विशेष सर्वेक्षण अमीनों की सेवाएं भी ली जाएंगी।

उन्होंने कहा कि शिवहर, शेखपुरा, लखीसराय, जहानाबाद और अरवल को छोड़कर शेष जिलों के विशेष सर्वेक्षण अमीनों को स्कैनिंग, अपलोडिंग और निष्पादन कार्य में लगाया जाएगा, जिससे काम में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि इन पांच जिलों में सर्वे का काम 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसलिए उन 5 जिलों के विशेष सर्वे कर्मियों को इससे अलग रखा गया है।

राजस्व अधिकारियों को चेतावनी

मंत्री जायसवाल ने विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस अभियान को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं लिया जाए। विशेष शिविर के दौरान लक्ष्यों को पूरा करना संबंधित सीओ और आरओ की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। कार्यों की नियमित निगरानी विभागीय स्तर पर की जाएगी और प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।

जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार भूमि प्रशासन को पूरी तरह पारदर्शी, डिजिटल और जनोन्मुखी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। विशेष शिविर के माध्यम से लाखों लंबित मामलों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा।

Jayesh Jetawat

लेखक के बारे में

Jayesh Jetawat

जयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।

जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।