
लालू को दो दिनों की राहत, लैंड फॉर जॉब केस में चार्ज फ्रेमिंग पर सुनवाई अब 10 दिसम्बर को
Land For Job Scam: विशेष सीबीआई न्यायाधीश विशाल गोगने ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह मामले के आरोपियों की स्थिति की पुष्टि करने के बाद एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करे। मामले में 103 आरोपियों में से चार की मौत हो चुकी है।
Land For Job Scam: लैंड फॉर जॉब केस में लालू यादव, तेजस्वी यादव समेत परिवार के अन्य सदस्यों को दो दिनों की राहत फिर मिल गयी है। आज लालू परिवार के सदस्यों के खिलाफ चर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में दिल्ली की अदालत में अहम सुनवाई हुई। मामले में चार्ज फ्रेमिंग पर कोर्ट ने फैसला दो दिनों के लिए टाल दिया। अगली सुनवाई 10 दिसम्बर को होगी। सीबीआई को कोर्ट ने सभी अभियुक्तों की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।इससे पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 4 दिसंबर को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य व्यक्तियों से जुड़े जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में आरोप तय करने संबंधी अपने फैसले को टाल दिया था।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश विशाल गोगने ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह मामले के आरोपियों की स्थिति की पुष्टि करने के बाद एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करे। मामले में 103 आरोपियों में से चार की मौत हो चुकी है। न्यायाधीश गोगने ने विस्तृत सुनवाई के लिए मामले को आठ दिसंबर के लिए सूचीबद्ध किया था।
क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम
सीबीआई ने लालू यादव, उनकी पत्नी व बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ कथित घोटाले के संबंध में आरोपपत्र दाखिल किए थे। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रेलवे के पश्चिम मध्य मंडल में ग्रुप-डी श्रेणी की नियुक्तियां की गईं और इसके बदले नियुक्ति पाने वाले लोगों ने राजद प्रमुख के परिवार या उनके सहयोगियों को भूखंड उपहार में दिए या हस्तांतरित किए थे। सीबीआई ने यह दावा भी किया है कि ये नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन करते हुए की गईं।आ





