
बिहार की बलात्कार से तुलना पर फंसे लालू यादव, कोर्ट से नोटिस मिला; 24 सितंबर को सुनवाई
मुजफ्फरपुर कोर्ट में दायर एक परिवाद पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को नोटिस भेजा है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बिहार की तुलना बलात्कार से की थी। मामले की अगली सुनवाई सितंबर में होगी।
राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक और मामले में फंस गए हैं। बिहार की बलात्कार से तुलना करने पर मुजफ्फरपुर कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री को नोटिस भेजा है। इस संबंध में कोर्ट में दायर परिवार पर सुनवाई करते हुए न्यायिक दंडाधिकारी, प्रथम श्रेणी (पश्चिमी) अंजली सिन्हा ने बुधवार को इसका आदेश दिया। मामले में अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

मामले में अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने पिछले साल 30 सितंबर को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-प्रथम (पश्चिमी) के कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने सोशल साइट के अपने अकाउंट पर किए पोस्ट में बिहार की तुलना बलात्कार से की थी। इसे कई बार पोस्ट किया गया। विभिन्न समाचार चैनलों पर इसे प्रमुखता से प्रसारित किया जा रहा था।
अधिवक्ता ने कहा कि बिहारी होने के नाते वे लालू यादव के इस पोस्ट से मर्माहत हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस पोस्ट से पूर्व सीएम ने बिहारियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। बता दें कि बिहार में दुष्कर्म की घटनाओं पर निशाना साधते हुए आरजेडी सुप्रीमो ने नीतीश सरकार को घेरते हुए कई पोस्ट किए थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने एक पोस्ट में 'बिहार=बलात्कार' लिखा था। इसी मामले में उनके खिलाफ मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दायर किया गया।





