ओवैसी को सीट नहीं देंगे लालू-तेजस्वी! RJD ने कहा- BJP को हराना है तो बिहार चुनाव नहीं लड़े AIMIM
सेकुलर वोटों का बंटवारा रोकने के लिए महागठबंधन में शामिल होने को बेताब असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM को लालू और तेजस्वी सीट देने के मूड में नहीं हैं। RJD सांसद मनोज झा ने ओवैसी से कहा है कि अगर भाजपा को हराना है तो वो बिहार चुनाव ना लड़ें।
बिहार विधानसभा चुनाव में सेकुलर वोटों का बिखराव रोकने की दलील के साथ महागठबंधन में शामिल होने के लिए उतावली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को लालू यादव, तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सीट देने को तैयार नहीं है। राजद प्रवक्ता मनोज झा ने कहा है कि अगर ओवैसी भाजपा को हराना चाहते हैं तो वो बिहार चुनाव ना लड़ें। ओवैसी की पार्टी के बिहार अध्यक्ष और इकलौते विधायक अख्तरुल ईमान कई हफ्ते से खुलकर बयान दे रहे हैं कि इस बार वो राजद, कांग्रेस, लेफ्ट और वीआईपी के महागठबंधन में शामिल होकर चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने लालू यादव को इसके लिए चिट्ठी भी लिखी थी।
राजद के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने शुक्रवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ओवैसी का बेस हैदराबाद में है। मनोझ झा ने कहा कि कभी-कभी चुनाव ना लड़ना भी मदद करना होता है। अगर वो बीजेपी को हराना चाहते हैं तो चुनाव ना लड़ें। ये बात ओवैसी जानते हैं और उनके सलाहकार भी जानते हैं। झा ने ओवैसी से कहा कि अगर आपकी मंशा है कि बीजेपी को शिकस्त दी जाए और नफरत की राजनीति को हराया जाए तो बिहार का चुनाव ना लड़ने का फैसला भी वैसा ही फैसला होगा।
जून के पहले सप्ताह से ही अख्तरुल ईमान कह रहे हैं कि ओवैसी की पार्टी महागठबंधन संग चुनाव लड़ना चाहती है और उनकी बात चल रही है। तब से वो इस तरह की बात कई बार कह चुके हैं। सोमवार को जब पटना में महागठबंधन के घोषणा पत्र को लेकर बैठक हो रही थी और उसमें उन्हें नहीं बुलाया गया तब ईमान ने कहा था कि उनकी पार्टी तीसरा मोर्चा बनाएगी। फिर दो दिन बाद उन्होंने लालू को चिट्ठी लिखकर एक और कोशिश की। ईमान ने पहली बार कहा था कि वो कुछ कम सीट पर भी लड़ लेंगे।
महागठबंधन में जाने को बेताब ओवैसी की पार्टी, अख्तरुल ईमान ने लालू यादव को भेजी चिट्ठी
मनोज झा के बयान से लगता है कि कांग्रेस, लेफ्ट और मुकेश सहनी की वीआईपी के साथ सीट बंटवारे पर पहले से कड़े मोल-भाव में फंसे तेजस्वी एक भी सीट ओवैसी को देने के मूड में नहीं हैं। 2020 को विधानसभा चुनाव में ओवैसी ने मायावती, उपेंद्र कुशवाहा समेत कुछ और छोटे दलों के साथ ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट बनाया था। तब ओवैसी की पार्टी 19 सीट लड़ी थी और उसमें सीमांचल के तीन जिलों से 5 सीट जीत गई थी। तेजस्वी ने बाद में ईमान के अलावा बाकी 4 विधायकों को राजद में शामिल कर लिया था।





