
महागठबंधन या लठबंधन? तेजस्वी ने सीट फाइनल करने संजय को दिल्ली भेजा, सहनी अब तक अधर में
संक्षेप: बिहार चुनाव में पहले चरण का नामांकन बंद होने से एक दिन पहले तक विपक्षी महागठबंधन में लठ-बंधन चल रहा है। बिहार कांग्रेस प्रभारी अल्लावरु ने खेल ऐसा फंसाया है कि बिना घोषणा नामांकन चल रहा है, लेकिन लिस्ट नहीं आ रही।
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का नामांकन बंद होने से एक दिन पहले तक भी विपक्षी दलों के महागठबंधन में सीट बंटवारा नहीं हुआ है। सीटों की संख्या, अदला-बदली और मुकेश सहनी के लिए कितनी सीट कौन छोड़े, इस मसले पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के बीच लठबंधन का माहौल है। कांग्रेस ने ऐसा खेल फंसा रखा है कि लालू और तेजस्वी यादव के लिए ना उगलने, ना निगलने जैसी हालत है। सहनी ने जब आज गठबंधन छोड़ने की धमकी दी, तब कांग्रेस से फाइनल बात करने के लिए तेजस्वी ने संजय यादव को दिल्ली भेजा है। पटना में गठबंधन के सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी अब खुद इसे देख रहे हैं, इसलिए सहमति और घोषणा बहुत जल्द होने की संभावना है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम तो दो हफ्ते से हर दिन एक-दो दिन में घोषणा की बात कर रहे थे। तेजस्वी सोमवार को पूरे दिन दिल्ली में रहे, लेकिन तब राहुल गांधी या मल्लिकार्जुन खरगे से उनकी मुलाकात नहीं हुई। वो एक मौका था जब दोनों तरफ फैसला लेने में सक्षम लोग आमने-सामने बातचीत में सारे विवादित विषय सुलझा सकते थे। कांग्रेस ने केसी वेणुगोपाल को बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, राजेश राम के साथ तेजस्वी से बातचीत के लिए भेज दिया। तेजस्वी की पटना में अल्लावरु से कई हफ्तों से बातचीत चल ही रही है, लेकिन कोई सहमति नहीं बनी। रात में तेजस्वी पटना लौटे तो कह गए कि एक-दो दिन में हो जाएगा। उस रात में सोशल मीडिया पर कांग्रेस और राजद के नेताओं के बीच शायरी और दोहे की लड़ाई भी हुई।
मुकेश सहनी का पत्रकार सम्मेलन रद्द; महागठबंधन छोड़ने की धमकी के बाद पटरी पर लौटी बात?
उसके बाद से महागठबंधन में बातचीत को लेकर सन्नाटा था। बिना घोषणा ही सूत्रों के हवाले से लिस्ट आने लगी। सिंबल बंटने लगे। तेजस्वी समेत कई नेताओं के नामांकन भी हो गए। हरकत तब हुई जब सहनी ने गुरुवार दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाया। राहुल और तेजस्वी ने सहनी से बात की तो उन्होंने पत्रकार वार्ता को तीन बार टालने के बाद शाम में रद्द कर दिया। सहनी ने धमकी दी है कि उनकी सीट तुरंत बताई जाए क्योंकि कल नॉमिनेशन का अंतिम दिन है। सहनी ने कल सुबह तक ऐसा नहीं होने पर इंडिया अलायंस छोड़ने की धमकी दी है। सहनी की पार्टी ने इसे एक अति पिछड़ा (EBC) को डिप्टी सीएम नहीं बनाने का रंग देने का मन भी बना रखा है।
RJD-VIP के बीच डील हो गई फाइनल? मुकेश सहनी को राजद-कांग्रेस ने दीं 18 सीटें
महागठबंधन में अब तक अनौपचारिक तरीके से राजद ने लगभग 50, कांग्रेस ने 22, सीपीआई-माले ने 18, सीपीआई ने 6 और सीपीएम ने 4 कैंडिडेट की घोषणा कर दी है। तेजस्वी समेत कई कैंडिडेट पर्चा भी भर चुके हैं। वीआईपी ही इकलौती पार्टी है जिसका कुछ पता नहीं है। कांग्रेस और राजद के बीच मुकेश सहनी को 18 सीट देने की सहमति बनने की खबर आई थी। राजद 10 सीट छोड़ेगी और कांग्रेस 8। लेकिन मुकेश सहनी को सीटों की संख्या बताने के बाद उसकी लिस्ट नहीं मिल रही है। वीआईपी के सूत्रों का कहना है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना के बाद जो हलचल मची है, उसके बाद शाम में उसे सीटों की एक लिस्ट मिली है। सहनी लिस्ट पर पार्टी के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं।
मुकेश सहनी के लिए एनडीए का गेट बंद हो गया; बीजेपी और जेडीयू ने कह दिया- 5 दल फाइनल हैं
सीपीआई के एक वरिष्ठ नेता ने महागठबंधन में सीट बंटवारे की घोषणा नहीं होने को लेकर दुख जताया और कहा कि कांग्रेस की जिद के कारण महागठबंधन की बढ़त खत्म होती दिख रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए के सारे दलों के बीच तमाम विवाद के बाद भी सारी सूची आ गई और उसके कैंडिडेट चुनाव प्रचार में उतर चुके हैं। वामपंथी नेता ने कहा कि महागठबंधन के दलों के बीच की लड़ाई से जनता के बीच जगहंसाई हो रही है। वीआईपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सीट के साथ-साथ डिप्टी सीएम पद के चेहरे के तौर पर सहनी के नाम की घोषणा भी अहम बात है। वीआईपी के इस नेता का कहना है कि अगर आज रात सब कुछ घोषित नहीं हुआ तो सुबह सहनी नया रास्ता पकड़ सकते हैं। बता दें कि कांग्रेस तेजस्वी को सीएम या सहनी समेत किसी को भी डिप्टी सीएम प्रोजेक्ट करने के लिए तैयार नहीं है।
Bihar Chunav LIVE: अमित शाह पटना पहुंचे, तेजस्वी ने कांग्रेस से बात करने संजय यादव को दिल्ली भेजा
याद रहे कि मुकेश सहनी को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राजनीति में लेकर आई थी और वो गृहमंत्री अमित शाह को अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं। अमित शाह तीन दिन के बिहार दौरे पर गुरुवार की शाम पटना पहुंच गए हैं। अमित शाह एनडीए दलों के नामांकन के दौरान सभा करेंगे। पटना में भाजपा और एनडीए गठबंधन के नेताओं के साथ वो चुनाव प्रचार को धारदार बनाने की साझी रणनीति भी तैयार करेंगे।





