रोहिणी आचार्या ने तोड़ लिया मायके से रिश्ता? तेजस्वी के बेटे के बर्थडे में नहीं आईं लालू की लाडली

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तेजस्वी यादव के बेटे इराज के जन्मदिन पर पूरा लालू परिवार  और पार्टी नेता गाजियाबाद में रागिनी यादव के आवास पर जुटे। इसमें तेज प्रताप तो दिखे पर इराज की मझली बुआ रोहिणी आचार्या नजर नहीं आईं।

रोहिणी आचार्या ने तोड़ लिया मायके से रिश्ता? तेजस्वी के बेटे के बर्थडे में नहीं आईं लालू की लाडली

Rohini Acharya Latest News: राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बेटे इराज लालू यादव का पहला जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। यूपी के गाजियाबाद में लालू प्रसाद यादव की बेटी रागिनी यादव के आवास पर पार्टी और विपक्ष के प्रमुख नेताओं के साथ पूरा परिवार जुटा। इस भीड़ में सबकी नजरें दो लोगों- तेजप्रताप यादव और रोहिणी आचार्या को तलाशती रहीं। सियासी नजरिए से बेहद खास इस बर्थडे पार्टी में तेजप्रताप के दिखने और रोहिणी आचार्या की गैरमौजूदगी पर चर्चा तेज है। राजनैतिक गलियारे में एक सवाल कौंध रही है कि क्या लालू की लाडली(किडनी देकर पिता को जीवनदान देने वाली बेटी) ने अपने मायके से फाइनली नाता तोड़ लिया है? इस पार्टी में तेजस्वी के खास संजय यादव भी दिखे जिन्हें पार्टी की हार के जिम्मेदार ठरहाते हुए रोहिणी ने माता-पिता का घर छोड़ा था।

यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि 2025 में लालू परिवार के दो सदस्य तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्या परिवार और पार्टी दोनों से अलग हो गये। तेज प्रताप को निकाला गया और रोहिणी आचार्या खुद मायके से रोते बिलखते निकलीं। विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव की सीएम पद पर तापोशी का सपना देखने वाली पार्टी मात्र 25 सीटों पर सिमट कर रह गई। जब पार्टी ने हार के कारण और उसके जिम्मेदारों की समीक्षा नहीं की तो रोहिणी आचार्या ने बोलना शुरू किया। रोहिणी और मामा साधु यादव ने तेजस्वी के करीबी और राजद के चुनावी रणनीतिकार संजय यादव और उनके एक करीबी रमीज को जम्मेदार ठहराया।

संजय यादव के प्रति उनकी तल्खी चुनाव से पहले से ही जाहिर हो रही थी। संजय यादव का फार्मूला(कहा जाता है कि संजय यादव की सलाह पर ही तेजस्वी ने टिकट बांटा) फेल हुआ तो सामान्य विरोध बगावत में बदल गई। रोहिणी आचार्या ने समीक्षा बैठक करने की मांग कर दी लेकिन, तेजस्वी इसे(संजय यादव को हार का जिम्मेदार) मानने को तैयार नहीं हुए। बात यहां तक बढ़ गई कि रोहिणी आचार्या अपने मायके(राबड़ी देवी आवास) से रात में रोते हुए निकलीं। पटना से दिल्ली तक उन्होंने मीडिया के सवाल पर भाई तेजस्वी के खिलाफ खुलकर नाराजगी का इजहार किया। उन्होने यहां तक कहा कि हार का कारण पूछने पर उन्हें गाली दी गई, उनपर चप्पल चलाया गया और घर से निकल जाने को कहा गया। रोहिणी ने खुद को परिवार और पार्टी दोनों से अलग करने का ऐलान भी कर दिया।

हालांकि, रोहिणी आचार्या बीते कुछ दिनों में राजद और पिता के विरोधियों को जवाब देने के लिए सोशल मीडिया पर आक्रामक तेवर दिखा रही हैं। 26 मई तक उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और बिहार की सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर आक्रोश जाहिर किया है। लेकिन, 27 मई को अपने भतीजे के पहले जन्मदिन के बेहद खास मौके से (जब पूरा परिवार और राजद जुटा हो) खुद को अलग रखना इस बात के संकेत दे रहा है कि उन्होंने अपने भाई तेजस्वी यादव को माफ नहीं किया है और मायके से दूरी बरकरार रखी है।

Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

Sudhir Kumar

टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।

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