लिवर के हमारे शरीर में भूमिका का चिकित्सक ने बताया महत्व
विश्व लिवर दिवस विशेष-लिवर के हमारे शरीर में भूमिका का चिकित्सक डॉ निशांत निराला ने बताया महत्व

लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। हर वर्ष 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को लिवर से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक करना और इसके स्वास्थ्य की देखभाल के महत्व को समझाना है। हालांकि शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग के बीमारी या उससे बचाव को लेकर निजी यह सरकारी स्तर पर इस दिन किसी तरह की नहीं होती है कोई विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन। सदर अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ निशांत निराला ने बताया कि लिवर हमारे शरीर का जरूरी अंग है। ये शरीर से गंदगी को बाहर निकालने और पाचन ठीक रखने में मदद करता है, हालांकि ये अंग अब खतरे में देखा जा रहा है।
लिवर की बीमारियां लंबे समय तक बिना कोई बड़ा संकेत दिए बढ़ती रहती हैं, ये सबसे बड़ी चिंता है। जब तक लक्षण स्पष्ट दिखते हैं, तब तक कई मामलों में नुकसान काफी ज्यादा हो चुका होता है। अनियमित जीवनशैली, गलत खानपान, शराब का सेवन और जंक फूड की अधिकता के कारण लिवर पर बुरा असर पड़ता है। समय रहते ध्यान न देने पर फैटी लिवर, सूजन और अन्य गंभीर समस्या हो सकता है। मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज को पहले नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के नाम से भी जाना जाता है। ये बीमारी मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसे मोटापा, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण होती हैं, इससे लिवर में फैट जमा होने लगता है। उन्होंने बताया कि ये दुनिया भर की 30% से ज्यादा आबादी को प्रभावित करती है। अध्ययन की रिपोर्ट में शोधकर्ता ने अलर्ट किया है कि जिस गति से ये बीमारी बढ़ती जा रही है, ऐसे में आशंका है कि 2050 तक दुनिया भर में 180 करोड़ से अधिक लोग मेटाबॉलिक लिवर की बीमारियों का शिकार हो सकता हैं। इसकी मुख्य वजह मोटापा और ब्लड शुगर लेवल का बढ़ना है।-------लाइफस्टाइल में सुधार से कम हो सकता है जोखिम: आमतौर पर इसका पता तभी चलता है, जब कोई मरीज किसी और वजह से अपनी जांच करवाता है। इसके लक्षण में बहुत ज्यादा थकान महसूस होने, आम तौर पर अस्वस्थ महसूस करने और पेट में अक्सर दर्द होता रहता है। कुछ खास फूड आइटम्स ऐसे होते हैं जो लिवर की सफाई में मदद करते हैं और इसके कार्य को बेहतर बनाते हैं। इनमें हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों और ब्रोकली है। ये सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर से भरपूर होती हैं। --------ये लिवर में जमा विषैले तत्व को बाहर निकालने में मदद करती हैं: लहसुन:- लहसुन में मौजूद सल्फर कंपाउंड्स लीवर एंजाइम्स को एक्टिव करते हैं, जिससे शरीर की डिटॉक्स क्षमता बढ़ती है। यह हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है और लिवर को इंफेक्शन से भी बचाता है। नींबू विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है, जो लिवर को साफ रखने में मदद करता है। ये फैट मेटाबॉलिज्म को बेहतर करता है और लिवर में जमा अतिरिक्त वसा को कम करने में सहायक होता है। सुबह गुनगुने पानी में नींबू का सेवन डिटॉक्स के लिए फायदेमंद माना जाता है। हल्दी में मौजूद तत्व सूजन कम करने और लिवर सेल्स की मरम्मत में मदद करती है। ये लिवर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाती है।
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