Water Crisis in Chandanpura Government s Har Ghar Nal Jal Scheme Fails नल-जल योजना से नहीं मिला पानी, दी आंदोलन की चेतावनी, Lakhisarai Hindi News - Hindustan
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नल-जल योजना से नहीं मिला पानी, दी आंदोलन की चेतावनी

बोले लखीसराय- मोटर पंप चालक विनय कुमार ने कहा कि मोटर पंप चालक विनय कुमार ने कहा कि मोटर पंप चालक विनय कुमार ने कहा कि मोटर पंप चालक विनय

Newswrap हिन्दुस्तान, लखीसरायThu, 4 Sep 2025 04:20 AM
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नल-जल योजना से नहीं मिला पानी, दी आंदोलन की चेतावनी

लखीसराय। सरकार की बहुप्रचारित "हर घर नल जल" योजना चंदनपुरा पंचायत के वार्ड संख्या-3 में पूरी तरह से दम तोड़ती नजर आ रही है। यहां नल जल योजना के अंतर्गत बनाए गए जल मीनार और मोटर पंप पिछले कई दिनों से खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय लापरवाही के चलते लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि स्थानीय लोगों ने आंदोलन करने तक की चेतावनी दे डाली है। वार्ड संख्या 3, जिसकी आबादी लगभग 10,000 के आसपास है और 200 से 300 घर इस क्षेत्र में स्थित हैं, वहां नल जल योजना के तहत जल मीनार का निर्माण किया गया था।

इसके माध्यम से सभी घरों में पाइपलाइन के जरिए पानी आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई थी। शुरूआती कुछ महीनों तक यह योजना ठीक से चली भी, लेकिन अब यह केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। जल मीनार के पास खड़े होकर लोग अब अफसोस जताते हैं, क्योंकि न तो मोटर पंप चालू होता है और न ही उनके घरों की टोटियों से पानी की एक बूंद निकलती है। लोग परेशान, अधिकारी बेखबर: स्थानीय लोगों का कहना है कि पीएचईडी विभाग (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग) द्वारा नलजल योजना के तहत लगाए गए मोटर पंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। इसके बावजूद विभाग द्वारा अब तक कोई सार्थक पहल नहीं की गई है। पंप में तकनीकी खराबी के चलते जल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है। ग्रामीण बताते हैं कि वे कई बार स्थानीय प्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों से इस बाबत शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है, समाधान नहीं। स्थानीय महिला कहती हैं, "हम रोज़ सुबह और शाम जल मीनार तक आते हैं, यह देखने के लिए कि शायद आज पंप चालू हो गया हो, लेकिन निराशा ही हाथ लगती है। घर में नहाने-धोने से लेकर खाना बनाने तक के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है। महिलाओं को झेलनी पड़ रही है सबसे ज्यादा परेशानी : गांव की महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। उन्हें दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उनके घरेलू कामकाज पर असर पड़ रहा है। कई महिलाओं ने बताया कि उन्हें अपने छोटे बच्चों को छोड़कर 2-3 किलोमीटर दूर स्थित कुएं या तालाब से पानी लाना पड़ता है। यह स्थिति न सिर्फ असुविधाजनक है, बल्कि महिलाओं की सेहत पर भी बुरा असर डाल रहा है। पानी जैसी जरूरी चीज़ के लिए हम गांव वाले रोज पंप ऑपरेटर से पूछताछ करते हैं, लेकिन उन्हें खुद नहीं पता कि मोटर कब ठीक होगा। विभाग के अधिकारी जैसे इस समस्या से कोई लेना-देना नहीं रखते हैं। राज्य सरकार ने ‘हर घर जल योजना के तहत पूरे बिहार में पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए भारी बजट आवंटित किया गया, सैकड़ों जल मीनार बनाए गए और हजारों की संख्या में मोटर पंप लगाए गए। परंतु जमीनी हकीकत यह है कि कई जगहों पर ये योजनाएं या तो कागजों पर ही चल रही हैं या फिर इस प्रकार से बंद पड़ी हैं, जैसे चंदनपुरा में हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार ने इतनी बड़ी योजना चलाई है, तो उसकी निगरानी और मेंटेनेंस की भी जिम्मेदारी उसकी ही बनती है। अगर समय रहते खराब मोटर पंपों की मरम्मत नहीं की गई, तो पूरी योजना पर सवाल उठना लाजमी है। कई लोग तो यह भी मानते हैं कि यह सरकारी भ्रष्टाचार और लापरवाही का नतीजा है, जिसमें आम जनता को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। आंदोलन की चेतावनी : स्थानीय युवा और सामाजिक कार्यकर्ता राजीव कुमार ने बताया कि यदि आने वाले 3-4 दिनों में जल आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो गांव के लोग प्रखंड कार्यालय का घेराव करेंगे और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यह सिर्फ शुरुआत है, जरूरत पड़ी तो जिला मुख्यालय तक आंदोलन को ले जाया जाएगा। प्रस्तुति: अजय कुमार। लोगों की राय- वार्ड में सही तरीके से पानी भी नहीं चालू होता है। इन दिनों तो मोटर पंप ही खराब है। जिस कारण लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है जबकि पानी अति आवश्यक चीज है। सरकार की भी योजना है कि हर घर पानी सुचारु रूप से चले, लेकिन यहां कोई देखने वाला नहीं है। - रामविलास यादव। हर घर नल जल योजना से चालू होने वाली पानी नहीं आने के कारण जल मीनार शोभा की वस्तु बनी हुई है। कई बार विभाग से शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। लोग यहां पानी के लिए तरस रहे हैं। लोगों ने जल्द से जल्द पानी चालू करने की भी मांग की है। -रामबालक यादव। यहां पानी की आपूर्ति ग्रामीणक्षेत्र होने के कारण अति आवश्यक है। इन दिनों चापाकल भी सब खराब हो चुके हैं क्योंकि उसका उपयोग कम हो रहा था। कुआं भी सफाई के कारण पीने योग्य नहीं रहा है। फिर भी लोग इसी पानी पर निर्भर हो गए लेकिन इन दिनों मोटर व पानी की सप्लाई बंद होने के कारण लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।- अरुण यादव । वार्ड में लगभग 200 से 300 घर हैं और सभी लोग इसी नल और जल के पानी पर आत्मनिर्भर हैं। अब दूर दराज से पानी लाना पड़ता है जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है विभाग को जल्द से जल्द मोटर चालू करना चाहिए। - सुरेश यादव। सुबह और शाम दोनों समय जल मीनार के पास पहुंचकर मोटर ठीक होने की जानकारी लेते हैं लेकिन अभी तक मोटर ठीक नहीं हुई है। महिलाएं भी यहां पहुंचकर पानी चालू करने की गुहार लगा रही हैं लेकिन अभी तक विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिससे पानी के लिए लोग भटक रहे हैं। -नवीन कुमार। वार्ड के लोग पानी के लिए जल मीनार पर ही निर्भर हैं, लेकिन विगत कई दिनों से जलमिनर का मोटर खराब रहने के कारण पानी नहीं चल रहा है। सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था रखनी चाहिए और पानी की समुचित व्यवस्था रखनी चाहिए लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और वार्ड के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। - वकील यादव । वार्ड से सबसे जरूरी लोगों को जीने के लिए पानी ही अति आवश्यक है। लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण हर घर नल जल योजना के तहत पीएचईडी के द्वारा पानी उपलब्ध कराने में असमर्थता जाहिर कर रही है। जबकि अगर विभाग चाहे तो 1 से 2 दिनों में ही मोटर ठीक भी हो और पानी की उपलब्धता भी हो। - सुमन कुमार पंडित । वार्ड में चारमीनार शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। लोग जाते हैं और पंप चालक से शिकायत करते हैं लेकिन इस पर कोई असर नहीं हो रहा है। पंप चालक का भी कहना है कि विभाग को सूचना दे दी गई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है लेकिन लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। - सुमन कुमार पंडित। वार्ड में सुबह शाम नौकरी पर सालों अपने ड्यूटी पर जाने से पहले स्नान करने के लिए भी पानी खोजते हैं, लेकिन पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पानी की समस्या यहां अभी विकराल हो गई है। क्योंकि लोग नल जल योजना पर ही आत्मनिर्भर हो चुके हैं । गांव मोहल्ले में पड़े चापाकल का भी उपयोग नहीं करते हैं जिससे वह गंदा पानी दे रहा है। - गीता मांझी। गांव के लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। अब अगर जल्द ही पानी चालू नहीं किया गया तो वे लोग कुआं की सफाई या चापाकल को साफ करने का प्रयास करेंगे। विभाग इस पर कोई तर्क का कार्रवाई नहीं कर रहा है जिससे पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। जितना जल्द हो पानी यहां सुचारू रूप से चालू हो जाए ताकि लोगों की समस्या का समाधान मिल सके। - सुरेन्द्र यादव । विगत 7 दिनों से लगातार जल मीनार के पास मोटर देखने पहुंचते हैं लेकिन वहां अभी तक उसमें कोई कार्य नहीं हुआ है। इधर पानी के लिए लोग तरस रहे हैं, क्योंकि लोग को घर ले हर चीज के लिए पानी चाहिए लेकिन लोगों को नल जल योजना का लाभ देकर अब उसमें सही तरीके से संचालन नहीं करने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर जल्द ही पानी चालू नहीं कराया गया तो लोग उग्र हो जाएंगे। -जीतेन्द्र कुमार । सरकार हर घर नल जल योजना के तहत लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए हमेशा कार्य करती है। लेकिन यहां के कुछ कार्य करने वाले कर्मियों के कारण इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विभाग को भी कई बार इसकी सूचना दी गई लेकिन कोई कार्य नहीं हो पाया है और पानी की उपलब्धता नहीं हो पाई है। अगर जल्द पानी की उपलब्धता नहीं हुई तो लोग आंदोलन करने के लिए भी मजबूर हो जाएंगे। -ललित ठाकुर । बोले जिम्मेदार- विगत एक सप्ताह पहले मोटर में खराबी आ जाने के कारण पानी बंद है जिसकी सूचना विभाग को दी गई है । जल्द ही इसे ठीक करने का आश्वासन मिला है लेकिन अभी तक कार्य नहीं हो पाया है। पीएचईडी विभाग के एसडीओ ने कहा है कि मोटर बनाने के लिए टेक्नीशियन को भेजा गया है जल्द ही मोटर पंप चालू करने का प्रयास किया जाएगा। - विनय कुमार, मोटर पंप संचालक।

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