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गुरुनानक देव के प्रकाश उत्सव पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

गुरुनानक देव के प्रकाश उत्सव पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

संक्षेप:

- पंजाबी मोहल्ला गुरुद्वारा में हुआ भव्य लंगर का आयोजनगुरुनानक देव के प्रकाश उत्सव पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाबगुरुनानक देव के प्रकाश उत्सव पर उमड़ा श्रद

Nov 05, 2025 01:05 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखीसराय
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लखीसराय, एक प्रतिनिधि। शहर के पंजाबी मोहल्ला स्थित गुरुद्वारा में चल रहे तीन दिवसीय गुरुनानक देव जी के प्रकाश उत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही गुरुद्वारा परिसर में संगतों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका और दिनभर चलने वाले भजन-कीर्तन में भाग लेकर गुरु नानक देव जी के उपदेशों को आत्मसात किया। गुरुद्वारा के गुरु ग्रंथि सुरजीत सिंह ने बताया कि प्रकाश पर्व के अवसर पर पूरे गुरुद्वारा परिसर को रंग-बिरंगी लाइटिंग और फूलों से सजाया गया है, जिससे वातावरण भक्ति और उत्साह से भर गया है।

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सुबह अरदास के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद गुरुबाणी का पाठ और विशेष कीर्तन का आयोजन किया गया। भजन-कीर्तन के उपरांत भव्य लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। लंगर में गुरुद्वारा समिति के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय लोग, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी ने सेवा भाव से भाग लिया। विशेष बात यह रही कि इस लंगर में सभी धर्मों और समुदायों के लोग सम्मिलित हुए और गुरु नानक देव जी के समानता, सेवा और एकता के संदेश को आत्मसात किया।गुरुद्वारा समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रकाश उत्सव के समापन दिवस पर बुधवार को नगर कीर्तन और विशेष शब्द संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नगर के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु शामिल होंगे। इसके साथ ही निशान साहिब का सम्मान समारोह और सामूहिक अरदास भी की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान शहर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सभी ने गुरु नानक देव जी के उपदेशों-“सच्चा ईश्वर एक है” और “नाम जपो, किरत करो, वंड छको”-को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। गुरुद्वारा परिसर में सुरक्षा और स्वच्छता की भी पूरी व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल और वाहन पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई थी। तीन दिवसीय यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में सद्भाव, सेवा और एकता का संदेश देने वाला भी सिद्ध हुआ।