DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सुरक्षा बांध जर्जर, एनएच-80 पर खतरा

प्रखंड के टोरलपुर ग्राम पंचायत के किऊल नदी के किनारे अवस्थित निस्ता समेत अन्य गांवों के बाढ़ सुरक्षा बांध की स्थिति ठीक नहीं रहने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। बरसात आने पर बाढ़ आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। खास कर मेदनीचौकी के रसूलपुर, सलारपुर, भिड़हा, नंदपुर, पहाड़पुर, जगदीशपुर, मानूचक,निस्ता आदि गांवों में बाढ़ सुरक्षा तटबंध की स्थिति जर्जर होने की शिकायत की जाती है। खासकर निस्ता गांव में तो पिछले बाढ़ में कटाव से खतरा बढ़ गया है। अब इधर वर्षा होने से नदी के जल स्तर में थोड़ी वृद्घि हुई। पश्चिम क्षेत्र के गांव के कुल पांच सौ से ज्यादा घरों पर खतरा है। सहदेव राम, रामानंद राम,उमाशंकर ब्यास,वकील यादव, सागर यादव ने बताया कि पिछले 2016 में बाढ़ के कारण कटाव हुआ था। मुखिया राकेश कुमार रंजन उर्फ पप्पु यादव ने बताया कि पिछले बाढ़ के कारण बाढ़ सुरक्षा तटबंध का करीब तीन-चार सौ फीट का कटाव हो गया है।इस बार के कटाव होने से गांव और एनएच-80 के अस्तित्व पर खतरा हो जाएगा। मंत्री से शिकायत : मुखिया ने बताया कि बांध जर्जर होने के कारण विभागीय एसडीओ को गंगा पंप नहर योजना को कहा गया था। राज्य के जल संसाधन मंत्री ललन सिंह, क्षेत्रीय विधायक प्रह्लाद यादव से भी जर्जर बांध मरम्मत नहीं कराने की शिकायत की गई थी। उसके बाद जल संसाधन विभाग के कर्मियों ने कटाव स्थल पर आकर मापी की थी, मगर इसके बाद तटबंध की सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। बोले एसडीओ : बांध पर कटाव होने की जानकारी देने पर गंगा पंप नहर योजना के विभागीय एसडीओ को जानकारी दी गई। उन्होंने बताया गया कि वे केवल नहर से संबंधित कार्य देखते हैं। बाढ़ सुरक्षा के तटबंध की मरम्मत और संबंधित कार्य भागलपुर में रहने वाले विभागीय इंजीनियर करते हैं। बोले सीओ : सीओ प्रेम कुमार ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग पटना को सुरक्षा बांध के निस्ता गांव के पास के हुए कटाव की जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि हर साल बाढ़ आने से निस्ता के नजदीक खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने बालू के बोरे देकर इसे रोक कर रखा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Security Dam Shabby, Hazard on NH-80