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लखीसराय

चीख-पुकार के बीच मातम में डूबा रामचंद्रपुर

हिन्दुस्तान टीम,लखीसरायPublished By: Newswrap
Sat, 12 Jun 2021 05:01 AM
चीख-पुकार के बीच मातम में डूबा रामचंद्रपुर

लखीसराय। हिन्दुस्तान संवाददाता

पिपरिया थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर गांव में उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब गांव वालों को खबर हुई कि वहां के चार बच्चे सुमन चौक के नजदीक किऊल नदी में डूब गए हैं। एक को सकुशल तो बचा लिया गया, लेकिन बाकी तीन का कोई अता-पता नहीं है। जैसे-जैसे बच्चों के परिवार तक यह बात पहुंची तो पूरा माहौल चीख-पुकार और फिर मातम सा हो गया। मां-पिता अपने कलेजे के टुकड़े के खुद से दूर हो जाने के दर्द से टूटते दिखें। परिजनों के चित्कार के बीच पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।

नदी में बच्चों के डूबने की घटना सुबह के करीब 10 बजे के आसपास की बताई जा रही है। घटना के बाद जैसे-जैसे लोगों को खबर हुई, लोगों की भीड़ नदी के किनारे उमड़ने लगी। प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार कैंप कर स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्चों के बरामदगी का प्रयास किया जाता रहा। हालांकि करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद एक बच्चे के शव को बरामद किया जा सका। वहीं दो बच्चों के अब भी लापता होने से परिवार वाले सदमें में दिखे। पिपरिया थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर गांव में शोक का माहौल है।

दो घंटे में निकला एक शव

स्थानीय तैराक व गोताखोरों के द्वारा घटना की जानकारी मिलते ही नदी से तीनों बच्चों को निकालने का प्रयास शुरू किया गया। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद राजा नामक युवक का शव नदी से स्थानीय गोताखोरों के द्वारा निकाला गया। शव निकलते ही परिजन व ग्रामीण दहाड़ मारकर रोने लगे। फफक फफक कर रो रहे परिजनों को सांत्वना देने वाले भी खुद को रोक नहीं पा रहे थे।

दिल्ली में रहता था पूरा परिवार

नदी में डूबे सभी बच्चों का परिवार दिल्ली में रहता था। ननिहाल में शादी समारोह में भाग लेकर सभी गांव रामचंद्रपुर दो दिन पहले ही लौटे थे। गांव से बाहर रहने और नदी का स्थानीय स्तर पर जानकारी नहीं रहने के कारण सभी बच्चे नदी की गहराई से अनभिज्ञ थे। स्नान के दौरान सबसे पहले लड़की गहरे पानी मे चला गया। उसे बचाने में उसका भाई रोहित आया और वो भी गहरे पानी मे जाकर डूबने लगा। दोनों को डूबते देख राजा बचाने आया। राजा भी डूबने लगा इसी बीच अंकित बचाने आया और डूबने लगा तो वहां रहे स्थानीय लोगों ने किसी तरह बचाया। नदी घाट पर रहे लोग जब तक अन्य बच्चे को बचाते तब तक तीनो बच्चे गहरे पानी में डूब चुके थे।

जाना था दिल्ली, करने गया स्नान

जानकारी के अनुसार नदी में डूबे सभी बच्चों को परिवार के साथ शनिवार को दिल्ली लौटना था। दिल्ली जाने से पहले सभी बच्चे नदी पर स्नान करने गए और एक तरह से एन्जॉय कर वापस लौटना चाहते थे। लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था और सभी बच्चे स्नान के दौरान नदी के गहरे पानी मे डूब गए। नदी में डूबे बच्चों के परिजन दहाड़ मारकर रोते हुए खुद को कोष रहे थे।

साढ़े नौ घंटे बाद पहुंची एसडीआरएफ

किऊल नदी घाट पर डूबे तीन में से दो बच्चों का शव स्थानीय स्तर पर नहीं निकाला जा सका। प्रशासनिक तंत्र के साथ ही पूरा ग्रामीण और वहां रहे सभी लोग शव निकालने के लिए एसडीआरएफ के आने का इंतजार कर रहे हैं। शव निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम को भागलपुर से बुलाया गया है। शाम चार बजे तक एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर नही पहुंच पाई थी। घटना के आठ घंटे बाद भी एसडीआरएफ की टीम के नहीं पहुंचने और नदी से शव बरामद नहीं किए जाने को लेकर स्थानीय लोगो मे निराश भी देखा गया।

प्रशासन का कैंप रहा जारी

प्रशासनिक स्तर पर नदी में डूबे दोनों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम को भागलपुर से बुलाया गया है। जबकि किउल नदी घाट पर पिपरिया बीडीओ शत्रुंजय कुमार सिंह, सीओ रामजी प्रसाद सिंह, थाना ध्यक्ष राज कुमार, जिप अध्यक्ष राम शंकर शर्मा, जदयू जिलाध्यक्ष रामानंद मंडल, लोजपा जिलाध्यक्ष अजय कुमार, नेता रवि शंकर सिंह उर्फ अशोक, पूर्व प्रमुख रवि रंजन कुमार, मुखिया प्रकाश साव सहित अन्य ग्रामीण लगातार कैम्प कर नदी से शव बरामद कराने का प्रयास कर रहे थे।

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