Peace Torch Rally in Lakhisarai Supports Mahabodhi Vihar Liberation Movement महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन को लेकर निकाला कैंडल मार्च, Lakhisarai Hindi News - Hindustan
Hindi NewsBihar NewsLakhisarai NewsPeace Torch Rally in Lakhisarai Supports Mahabodhi Vihar Liberation Movement

महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन को लेकर निकाला कैंडल मार्च

- महाबोधि महाविहार बोधगया का संचालन बौद्ध धर्मावलंबियों को सौंपने की मांगमहाबोधि महाविहार बोधगया का संचालन बौद्ध धर्मावलंबियों को सौंपा जाएमहाबोधि महा

Newswrap हिन्दुस्तान, लखीसरायThu, 11 Sep 2025 05:00 AM
share Share
Follow Us on
महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन को लेकर निकाला कैंडल मार्च

लखीसराय, एक प्रतिनिधि। ऑल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम के आह्वान पर महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के समर्थन में शांति मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस की शुरुआत जमुई मोड़ से हुई और यह शहीद द्वार तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में बौध समुदाय के लोग शामिल हुए। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि बीटी एक्ट 1949 को निरस्त किया जाए और महाबोधि महाविहार बोधगया का संचालन बौद्ध धर्मावलंबियों को सौंपा जाए। बौद्ध नेता सुमित पाल ने कहा कि गया में बीते 201 दिनों से शांतिपूर्ण धरना जारी है, लेकिन सरकार ने अब तक उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बौद्ध धर्म के सबसे बड़े तीर्थस्थल महाबोधि मंदिर की अध्यक्षता हिंदू समाज के लोगों के हाथों में है, जबकि यह अधिकार बौद्ध समुदाय को मिलनी चाहिए।

फोरम के कार्यकर्ताओं ने बताया कि 2022 से लगातार शांतिपूर्वक आंदोलन चलाया जा रहा है। सरकार की अनदेखी के बाद 12 फरवरी 2025 से फोरम के सदस्य आमरण अनशन पर बैठ गए थे। 27 फरवरी की आधी रात प्रशासन ने उन्हें जबरन उठाकर नालंदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया। इसके बाद 1 मार्च से गया जिला प्रशासन ने मौखिक रूप से धरने की अनुमति दी, जो वैशाख पूर्णिमा तक चला। बीच में कई विवाद भी हुए, लेकिन आज भी गया के सुधानंद बौद्ध विहार में धरना जारी है। आंदोलन को मजबूती देने के लिए 12 अगस्त से देशभर में मशाल जुलूस निकाला जा रहा है। इसी क्रम में लखीसराय में भी शांतिपूर्ण जुलूस का आयोजन हुआ। मौके पर भारतीय बौद्ध संघ के सदस्य अनिल बौद्ध, बटोही यादव, मनोज कुमार, दयानंद पासवान, ललन बोधि, सुशील पाल, रविंद्र पाल समेत बड़ी संख्या में बुद्धिस्ट कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह मशाल जुलूस लोगों को बौद्ध धर्म के ऐतिहासिक स्थलों की वास्तविक हकदारी दिलाने के लिए जागरूक करने का प्रयास है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।