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26 अक्तूबर, 2020|12:19|IST

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नये डॉक्टरों की नहीं तय हुई जवाबदेही

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सदर अस्पताल प्रबंधन द्वारा नवनियुक्त चिकित्सक व पहले से अस्पताल में तैनात चिकित्सकों का नए सिरे से ड्यूटी रोस्टर तैयार नहीं किया जा सका है। सदर अस्पताल में पहले से तैनात 16 व नए 8 चिकित्सक को मिलाकर कुल 22 चिकित्सक हो गए हैं। बावजूद इसका लाभ जिले के मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।

मरीजों को अभी तक जानकारी नहीं हो पाई है कि किस दिन कौन से डॉक्टर किन चीजों का इलाज करेंगे। उन्हें संबंधित चिकित्सक से इलाज कराने में परेशानी हो रही है। ज्ञात हो कि अस्पताल प्रबंधन व चिकित्सक में ड्यूटी रोस्टर बनाने को लेकर हमेशा तनातनी की स्थिति रहती है। सदर अस्पताल में पूर्व से तैनात चिकित्सक अपनी सुविधा के अनुसार ड्यूटी रोस्टर में नाम चाहते हैं। वहीं अस्पताल प्रबंधन नियमानुसार सभी चिकित्सकों का सामंजस्य बैठाकर ड्यूटी रोस्टर तैयार कराना चाहती है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा तैयार किए गए रोस्टर में चिकित्सक द्वारा किसी ना किसी बात को लेकर असहमति जाहिर की जाती है।

इस वजह से अस्पताल प्रबंधन तय डिप्टी रोस्टर को अंतिम रूप नहीं दे पा रहे हैं। दो दिन पहले भी सीएस के निर्देश पर डीएस डॉ अशोक कुमार व अस्पताल प्रबंधक नंदकिशोर भारती ने अस्पताल में तैनात सभी 22 चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर तैयार किया था। रोस्टर पर सीएस की सहमति लेने से पहले से सीनियर चिकित्सकों ने नाराजगी व्यक्त कर दी। रोस्टर में अपनी सुविधा अनुसार ड्यूटी आवंटित नहीं होने को लेकर डीएस कार्यालय में आकर अपनी परेशानी बताते हुए रोस्टर के हिसाब से ड्यूटी करने में असहमति जताते दिखे। वहीं नवनियुक्त चिकित्सक अस्पताल प्रबंधन द्वारा तय किए गए ड्यूटी रोस्टर को लेकर कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। नवनियुक्त चिकित्सकों का कहना है कि उन्हें जिस प्रकार अस्पताल प्रबंधन द्वारा ड्यूटी लिया जाएगा वे तैयार हैं। जबकि पूर्व से तैनात चिकित्सक ड्यूटी में मनमानी तरीके से काम करने को लेकर रोस्टर बनवाना चाहते हैं। इसी को लेकर पिछले एक माह से भी अधिक समय से अस्पताल प्रबंधन द्वारा इन चिकित्सकों के रोस्टर को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। हालांकि पूछे जाने पर चिकित्सक व अस्पताल प्रबंधन कुछ भी स्पष्ट बोलने से परहेज कर रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि उन्हें रोस्टर को लेकर कोई आपत्ति नहीं है।

कुछ चिकित्सक कर रहे आनाकानी

वहीं डीएस अशोक कुमार की मानें तो सीएस के निर्देशानुसार रोस्टर में कुछ चिकित्सक आनाकानी करते हुए अपनी असहमति जता दी। जिसके कारण रोस्टर को लागू नहीं किया जा सका है। हमलोग प्रयास कर रहे हैं कि सभी चिकित्सक का आपस में सामंजस्य बिठाकर ड्यूटी रोस्टर तैयार किया जाए। बावजूद अगर सहमति नहीं बन पाती है तो सीएस के निर्देशानुसार अस्पताल प्रबंधन अपने हिसाब से सभी लोगों का ड्यूटी रोस्टर तय करेगी।

चिकित्सकों की मनमानी के कारण सदर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

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  • Web Title:New doctors have no fixed accountability