हरुहर नदी तटबंध निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण तेज, बड़हिया अंचल में तिथिवार मापी का कार्य जारी
हरुहर नदी के तटबंध निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज हो गई है। बड़हिया अंचल में तिथि-वार मापी का कार्य चल रहा है। लगभग 26 किलोमीटर क्षेत्र की जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिससे बाढ़ संरक्षण और यातायात सुगमता में बढ़ोतरी होगी। किसानों से सहयोग की अपील की गई है।

हरुहर नदी तटबंध निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण तेज, बड़हिया अंचल में तिथिवार मापी का कार्य जारी बड़हिया, निज प्रतिनिधि। टालक्षेत्र से होकर गुजरने वाली हरुहर नदी के बाएं तट पर बालगुदर घाट से बाढ़ सरमेरा रोड (पूरनबीघा कैंदी गांव) तक कुल 74 किलोमीटर की लंबाई में प्रस्तावित एंटी फ्लड स्लुईस के साथ तटबंध निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। यह प्रस्तावित तटबंध, जो आगे चलकर सड़क का रूप भी लेगा। नदी के मध्य बिंदु से 130 मीटर की दूरी पर बनाया जा रहा है। इसके तहत बड़हिया अंचल में लगभग 26 किलोमीटर क्षेत्र की जमीन अधिग्रहित होनी है।
अंचल प्रशासन की ओर से महरामचक मौजा सहित अनेक गांवों में तिथि-वार खेतों की मापी एवं चिंहितकरण का कार्य जारी है। इसके लिए अंचल अमीन द्वारा किसानों की स्वयं की उपस्थिति में भूमि की मापी सुनिश्चित की जा रही है। भूमि अधिग्रहण में बड़हिया अंचल अंतर्गत महरामचक मौजा में 42 मीटर चौड़ी तो वहीं इस 74 किलोमीटर लंबे तटबंध में कई स्थानों पर 43 मीटर, 40 मीटर तथा न्यूनतम 26 मीटर तक चौड़ाई में जमीन चिन्हित की जा रही है। ----------- तिथि-वार किसानों को किया जा रहा मैदान पर आमंत्रित: अंचल कार्यालय बड़हिया द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 व 11 दिसंबर को पाली पुल से सरौरा गांव (शेखपुरा सीमाना तक), 12 व 13 दिसंबर को कोठवा गांव से पाली पुल तक, 15 व 16 दिसंबर को गौरघाट से कोठवा गाँव (पाली पुल तक), 17 व 18 दिसंबर को घाघा सोती से गौरघाट तक तथा 19 व 20 दिसंबर को मोहनपुर सीमाना से घाघा सोती तक के बीच सूची में दर्ज खेसरा से संबंधित रैयत किसानों को अपने खेत पर उपस्थित रहने का आग्रह किया गया है, ताकि मापी की प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके। जानकारी अनुसार इस तटबंध निर्माण हेतु करीब 43 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। इस राशि के वितरण के लिए किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने खेसरा से जुड़े आवश्यक दस्तावेज अंचल कार्यालय में शीघ्र जमा कराएं, ताकि मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया समय से पूरी हो सके। अंचल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों की अनुपस्थिति में मापी होने पर आगे चलकर किसी भी प्रकार की आपत्ति या संशोधन संभव नहीं हो पाएगा। इसलिए सभी रैयतदारों से सहयोगात्मक भूमिका निभाने की अपील की गई है। ------------ तटबंध बनेगा भविष्य की सड़क: बख्तियारपुर, मोकामा टाल, घोसवरी, बड़हिया, घाटकुसुम्भा, एजनिघाट, शेखोपुर, रायपुरा, नरसिंघौली, गदबदिया सहित अन्य क्षेत्रों से गुजरने वाला यह तटबंध भविष्य में सड़क का विस्तृत मार्ग भी बनेगा। इसके निर्माण से क्षेत्र में बाढ़ संरक्षण के साथ-साथ यातायात सुगमता में भी बड़ी वृद्धि की उम्मीद है। प्रशासन ने कहा कि किसानों का सहयोग इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समय पर पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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