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टीबी मुक्त अभियान के लिए सदर अस्पताल कर्मी की निजी पहल

टीबी मुक्त अभियान के लिए सदर अस्पताल कर्मी की निजी पहल

संक्षेप:

- अस्पताल प्रबंधन सामूहिक रूप से 100 टीबी पीड़ित मरीज को गोद लेने की कर रहे तैयारी टीबी मुक्त अभियान के लिए सदर अस्पताल कर्मी की निजी पहल

Jan 15, 2026 12:47 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखीसराय
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संतोष कुमार, लखीसराय। जिले में टीबी मुक्त अभियान की सफलता के लिए सदर अस्पताल प्रबंधन ने सराहनीय और आम लोगों के लिए प्रेरणादायक पहल का निर्णय लिया है। डीएम मिथिलेश मिश्र के आह्वान पर डीएस डॉ राकेश कुमार एवं अस्पताल प्रबंधक नंदकिशोर भारती ने निजी स्तर पर आगे बढ़ते हुए सामूहिक रूप से 100 टीबी पीड़ित मरीज को गोद लेने की तैयारी शुरू किया है। इस पहल के तहत स्वास्थ्य कर्मी निक्षय मित्र बनकर छह माह तक टीबी मरीज को इलाज के दौरान आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएंगे। जानकारी के अनुसार डीएस व अस्पताल प्रबंधक ने अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए सदर अस्पताल के सभी चिकित्सक, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मियों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना शुरू किया है।

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डीएस डॉ राकेश कुमार ने बताया कि अधिक से अधिक कर्मी को अभियान से जोड़ना है। ताकि टीबी पीड़ित मरीज को बेहतर पोषण और मानसिक संबल मिल सके। ज्ञात हो डीएस, प्रबंधक व चिकित्सक सहित लगभग दो दर्जन स्वास्थ्य कर्मी ने टीबी मरीज को गोद लेने के लिए अपनी सहमति दे दिया है। डीएस ने बताया कि टीबी के सफल इलाज के लिए दवा के साथ पौष्टिक आहार लेना अनिवार्य होता है। इलाज की अवधि लगभग छह माह की होती है, जिसमें मरीज को नियमित रूप से पोषणयुक्त भोजन की आवश्यकता पड़ती है। मरीज को सरकार की ओर से निशुल्क दवा उपलब्ध कराया जाती है। हालांकि आर्थिक रूप से कमजोर कई मरीज पौष्टिक आहार नहीं ले पाते, जिससे इलाज की प्रक्रिया प्रभावित होता है। सरकार ने टीबी मरीज को इलाज के दौरान पोषण आहार के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपया प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर यह राशि मरीज की सभी जरूरत को पूरा करने में पर्याप्त नहीं हो पाता है। ऐसे में सदर अस्पताल का पहल मरीज के लिए राहत देगा। नंदकिशोर भारती ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल आर्थिक सहयोग देना नहीं, बल्कि मरीज को यह विश्वास दिलाना भी है कि वे अकेले नहीं हैं। स्वास्थ्य कर्मियों का नैतिक समर्थन मरीज को नियमित दवा लेने और इलाज पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिन में और अधिक कर्मी के जुड़ने की उम्मीद है, जिससे जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य में काफी सहयोग मिलेगा।