
लापरवाह चिकित्सकों पर गिरेगी गाज, प्रबंधन अब सख्ती के मूड में
पेज तीन की लीड- सहमति के बाद बना ड्यूटी रोस्टर, बावजूद अनुपस्थित रह रहे चिकित्सक, कार्रवाई की तैयारीसहमति के बाद बना ड्यूटी रोस्टर, बावजूद अनुपस्थित र
लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सदर अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर के मुताबिक मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सक के खिलाफ प्रबंधन कार्रवाई के मूड में आने का संकेत दिया है। ड्यूटी रोस्टर में सप्ताह के सभी दिन उपस्थिति की छूट एवं आपसी सामंजस्य के बाद भी नियमित रूप से जेनरल ओपीडी में तीन बदले एकमात्र चिकित्सक की उपस्थित के कारण इलाज के लिए आने वाले मरीज को होने वाली परेशानी का हवाला देते हुए अस्पताल प्रबंधन ने अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई का मूड बनाया है। ज्ञात हो सदर अस्पताल के नियमित ड्यूटी रोस्टर में प्रतिदिन जेनरल ओपीडी में पांच चिकित्सक की ड्यूटी निर्धारित है।

जबकि जेनरल ओपीडी में नियमित रूप से एकमात्र चिकित्सक उपस्थित रहते हैं। जिसके कारण रिकॉर्ड संख्या में शहर से जिले के विभिन्न क्षेत्र से इलाज के लिए आने वाले मरीज को बेहतर तो दूर खानापूर्ति वाली इलाज के लिए भी घंटो लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। डीएम ने कई बार शत-प्रतिशत उपस्थिति कराने के दिए निर्देश मरीज को होने वाली परेशानी को लेकर डीएम कई बार अस्पताल में चिकित्सक की शत प्रतिशत उपस्थिति कराने का निर्देश दे चुके हैं। डीएम की सख्ती के बाद सीएस की पहल पर प्रबंधन ने सभी चिकित्सक की सहमति से जेनरल ओपीडी में न्यूनतम तीन चिकित्सक की उपस्थिति के लिए नया ड्यूटी रोस्टर लागू किया। जिसमें कुछ दिन जेनरल ओपीडी में नियमित रूप से दो चिकित्सक की उपस्थिति भी सुनिश्चित हुई थी। हालांकि धीरे-धीरे सभी चिकित्सक पुराने ढरे पर चलते हुए जेनरल ओपीडी में एकला चलो की नीति पर काम करने लगे। जिसके कारण एक बार फिर जेनरल ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीज की परेशानी बढ़ गई। इधर मरीज को पेपर लेस व चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन इलाज प्रक्रिया में भी सदर अस्पताल प्रबंधन को परेशानी होने लगी। डीएस राकेश कुमार ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार इलाज के लिए आने वाले सभी मरीज का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ इलाज से संबंधित रिकार्ड भी चिकित्सक को भाव्या ऐप पर अपलोड करना पड़ता है। जेनरल ओपीडी में एकमात्र चिकित्सक की उपस्थिति के कारण मरीज का ऑनलाइन इलाज व रिकॉर्ड अपलोड करने में भी परेशानी हो रही है। जिसके कारण स्थानीय सदर अस्पताल राज्य के अन्य अस्पताल से भाव्या ऐप के माध्यम इलाज के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है। डीएस ने कहा कि भाव्या ऐप मामले में राज्य स्वास्थ्य समिति व जिला स्वास्थ्य समिति से बेहतर परफॉर्मेंस का निर्देश मिल रहा है। जो कि चिकित्सक के मौजूदा कार्यशैली से संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी चिकित्सक को निर्देशित किया गया है कि अपने कार्यशैली में सुधार लाए अन्यथा अनुपस्थित पर अटेंडेंस काटा जाएगा व इसकी जानकारी जिला स्वास्थ्य समिति को दिया जाएगा।

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