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22 अक्तूबर, 2020|12:34|IST

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ट्रक हड़ताल की दूसरे दिन फलों की कीमतों में उछाल

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ट्रकों के राज्यव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन फलों की कीमतों में 30 से 40 फीसदी तक तक अचानक बढ़ोतरी हुई है। वहीं फलों की कीमतों में वृद्धि का कारण आज यानी 17 सितंबर के विश्वकर्मा पूजा भी बताया जा रहा है। फलों के थोक विक्रेता राजनीति गुप्ता उर्फ बिजी सरकार की माने तो फलों का आयात महाराष्ट्र के नासिक व हिमाचल प्रदेश के कुलू मनाली से ट्रकों से मंगाया जाता है। रेल व बड़े ट्रकों से मंगाया जाता है। ट्रेन से दानापुर व मुजफ्फरपुर लाया जाता है। बड़े ट्रकों की हड़ताल के कारण बिहार से बाहर के पड़ोसी राज्य यूपी सीमा पर अनलोड किया जाता है। जहां से पिकअप वैन से शहर के अंदर लाया जाता है। जिससे एक ओर जहां लोड अनलोड का अतिरिक्त खर्च व्यवसायियों को वहन करना पड़ता है। वही छोटी गाड़ियों से सामान मंगाने पर भाड़ा भी ट्रकों रेलों की अपेक्षा ज्यादा भुगतान करना पड़ता है। साथ ही बार-बार लोड अनलोड से कच्चा सामान का नुकसान होता है। जिसका बोझ ग्राहकों को ही अंतत: उठाना पड़ता है। इसी कारण से सेव, नारंगी, अनार आदि की कीमतों में अचानक बाजार में उछाल होना स्वाभाविक है। आगे अब स्थिर रहने की संभावना है। हो सकता है आंशिक कमी भी विश्वकर्मा पूजा के बाद आ सकती है। इसलिए कि विश्वकर्मा पूजा के बाद विकबाली घटेगी, लेकिन दुर्गा पूजा कलश स्थापना के शुभारंभ के साथ फलों की बिक्री निश्चित रूप से बढ़ेगी। केला, सूखा नारियल, पानी नारियल पर भी असर देखा जा रहा है। फलों के प्रति पेटी पर सौ से 150 अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। फल विक्रेता साबिर व प्रमोद के अनुसार सेव की कीमत हड़ताल से पूर्व प्रति किलो 40 से 60 रुपए में ग्राहकों को मिलता था। वर्तमान में 60 से 120 रुपए तक पहुंच गया। वही अनार 40 से पचास रुपये से बढ़कर 80 से 100 रुपया, नारंगी 40 से पचास रुपये से बढ़कर 70 से 80 रुपए, केला प्रति दर्जन 15 से तीस प्रति दर्जन से बढ़कर 30 से पचास रुपये, प्रति पीस सुखा नारियल 20 से बढ़कर 25 रुपया में बिक रहा है।

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  • Web Title:Fruit strike on second day of truck strike