सखी वार्ता के साथ स्वच्छता किट वितरण कार्यक्रम आयोजित

Feb 04, 2026 12:46 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखीसराय
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लखीसराय में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सखी वार्ता और स्वच्छता किट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुखिया जुली देवी और अन्य अधिकारियों ने बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई। प्रशांत कुमार ने बताया कि बाल विवाह कानूनन जुर्म है और इसकी रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

सखी वार्ता के साथ स्वच्छता किट वितरण कार्यक्रम आयोजित

लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। महिला एवं बाल विकास निगम व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत मंगलवार को रामगढ़चौक प्रखंड के नोनगढ़ गांव स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में सखी वार्ता सह स्वच्छता किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।है। उद्घाटन क्षेत्र की लोकप्रिय मुखिया जुली देवी, हब जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार, केंद्र प्रशासक पूनम कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता गौरम्मा सिन्हा, प्राचार्य हरेंद्र कुमार एवं लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्रशांत कुमार बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनयम 2006 के तहत लड़कियों की शादी के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है।

उम्र से पहले शादी करना कानूनी रूप से जुर्म है। इसके तहत एक लाख जुर्माना व दो वर्ष कारावास की सजा का प्रावधान है। बाल विवाह से बालिका के सपना, बचपन, स्वास्थ्य और पूरे जीवन को प्रभावित करता है। किसी भी हालात में बाल विवाह का समर्थन नहीं करें। इसका बहिष्कार कर अपनी भूमिका को निभाए। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और लैंगिक समानता स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। पूनम कुमारी ने कहा कि महिलाओं व किशोरियों की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए जिला में सखी वन स्टॉप सेंटर संचालित है। एक ही छत के नीचे घरेलू हिंसा से प्रताड़ित महिलाओं को निःशुल्क मदद किया जाता है। किसी भी प्रकार की परेशानी की स्थिति में 181 हेल्पलाइन, अन्य टोल-फ्री नंबरों तथा हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिलने वाली निःशुल्क सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। जुली देवी ने कहा कि सभी मिलकर बाल विवाह का बहिष्कार करें, बाल विवाह से न खुद का भला हो सकता है और न ही समाज का। बेहतर जीवन के बाधक है बाल विवाह। बाल विवाह होने से मानसिक व शारीरिक रूप से कमजोर हो जाती है बेटियां। खुद के बेहतर भविष्य का निर्णय नहीं ले पाती हैं। इसलिए बाल विवाह का बहिष्कार करें। यदि कहीं कोई इसकी सूचना आती है तो हमें जरूर बताएं। ऐसे हमारे पंचायत में बाल विवाह की कोई समस्या नहीं है। बेटी को बचाने व उनके सशक्तिकरण के लिए कई प्रकार की सरकारी योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसका लाभ लेकर बेटियां आगे बढ़ भी रही है। आगे उन्होंने छात्राओं को बताया कि किसी के बहकावे में नहीं आवें, यदि कोई आपके साथ छेड़छाड़ या किसी तरह की हिंसा हो रही है तो जरूर जानकारी दें, हमसब मिलकर समस्या समाधान का पहल करेंगे। कार्यक्रम का संचालन हब जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने किया।

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