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22 सितम्बर, 2020|1:20|IST

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नाबालिग के हाथों में ई-रिक्शा, सवारियों की जान पर खतरा

नाबालिग के हाथों में ई-रिक्शा, सवारियों की जान पर खतरा

जिस उम्र में बच्चों की हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में बच्चे वाहनों का परिचालन कर रहे हैं। लखीसराय शहर में हाल के दिनों में नाबालिगों के हाथों में ई-रिक्शा की स्टेयरिंग देखी जा रही है, जो निश्चित तौर पर सवारियों की जान को खतरानाक बनाने का काम कर रही है। यहां ऐसे एक-दो नहीं बल्कि दर्जनों मामले हैं, पर प्रशासनिक महकमे को इसपर नजर दौराने की फुर्सत नहीं है। शहर की सड़कों पर इन दिनों काफी संख्या में ई-रिक्शा का परिचालन हो रहा है। लोगों को भी इससे सहूलियत मिली है और लोग कहीं भी कभी भी अपने आसपास के इलाके में सुगमतापूर्वक पहुंच जा रहे हैं। इस बीच देखा जा रहा है कि वाहनों के परिचालन को लेकर दक्ष न होने वाले बच्चे भी ई-रिक्शा को सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। जमुई मोड़ समाहरणालय से लखीसराय स्टेशन और लखीसराय स्टेशन से विद्यापिठ चौक तक दर्जन भर से भी अधिक नाबालिक ई-रिक्शा चलाते दिखाई देते हैं। समूचे जिले को छोड़ दें तो दो दर्जन से अधिक नाबालिक ई-रिक्शा चलाते नजर आ जाते हैं। इससे ना सिर्फ यात्रियों को, बल्कि नाबालिगों की जान पर खतरा रहता है। ऐसे बच्चों को ट्रैफिक नियमों की भी जानकारी नहीं होती है। ये अक्सर वाहनों को भी अन्य चालकों के मुकाबले अधिक रफ्तार से चलाते हैं, जो हादसे को आमंत्रित करता है। सबसे अधिक स्टेशन से समाहरणय के बीच नाबालिग ई—रिक्शा चलाते दिख जाते हैं।

क्या है नियम : नये मोटर वाहन एक्ट 2019 के मुताबिक यदि नाबालिग वाहन चलाते पकड़े जाते हैं, तो उस वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। वाहन मालिक के 25 हजार रुपए जुर्माना भी वसूलने का प्रावधान है। साथ ही वाहन मालिक को जेल भी हो सकता है।

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  • Web Title:E-rickshaws in the hands of minors threat to the lives of the riders