Hindi NewsBihar NewsLakhisarai NewsDr Prachi Pragya Achieves First PhD in Dentistry from IGIMS Inspires Thousands
डॉ प्राची को आईजीआईएमएस की पहली पीएचडी डिग्री सौंपी

डॉ प्राची को आईजीआईएमएस की पहली पीएचडी डिग्री सौंपी

संक्षेप:

डॉ प्राची प्रज्ञा ने इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान से डेंटिस्ट्री विभाग में पहली पीएचडी डिग्री प्राप्त कर लखीसराय जिले का मान बढ़ाया। उनकी सफलता ग्रामीण छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।...

Oct 18, 2025 01:03 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखीसराय
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लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सूर्यगढ़ा प्रखंड के मानो गांव निवासी डॉ प्राची प्रज्ञा ने अपनी असाधारण उपलब्धि से जिला का मान बढ़ाया। राज्यपाल आरिफ खान के हाथों इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान आईजीआईएमएस के डेंटिस्ट्री विभाग की पहली पीएचडी डिग्री प्राप्त कर उन्होंने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। आरएसएस के मुंगेर विभाग संचालक सह केएसएस कॉलेज के हिंदी विभाग के प्राध्यापक स्व महेश सिंह की नतनी डॉ प्राची प्रज्ञा ने यह साबित कर दिया है कि लगन, मेहनत और समर्पण से छोटे से गांव की बेटी भी देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सर्वोच्च शैक्षणिक उपाधि प्राप्त कर सकती है।

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ऑर्थोडेंटिक्स में एमडीएस की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने ज्ञान की अपनी प्यास को शांत नहीं होने दिया और आईजीआईएमएस से पीएचडी जैसी प्रतिष्ठित उपाधि प्राप्त किया। यह डिग्री आईजीआईएमएस के डेंटिस्ट्री विभाग के लिए भी एक मील का पत्थर है। पत्रकार रामाकांत प्रसाद चंदन की पुत्री डॉ प्राची प्रज्ञा ने विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनकी यह सफलता विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र की उन छात्राओं को हौसला देती है जो बड़े सपने देखने से डरती हैं। उनकी उपलब्धि संदेश देती है कि शिक्षा के मार्ग पर भौगोलिक या सामाजिक पृष्ठभूमि कोई बाधा नहीं होती, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति ही सफलता की कुंजी है। पति डॉ शिव किशोर का भी चिकित्सा के क्षेत्र में समर्पण प्रेरणादायक है। जो स्वयं जेनरल सर्जन और जनरल ऑन्कोलॉजी सर्जरी में एमसीएच कर रहे हैं। सफलता जिले के सभी माता-पिता और बच्चों के लिए एक गौरव का क्षण है। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि अगर गांवों की बेटियां ठान लें, तो वे शिक्षा और करियर के सर्वोच्च शिखर को छू सकती हैं। अपने परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन कर सकती हैं। डॉ प्राची ने मानो गांव को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाई है। यह सिद्ध किया है कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। उनकी यात्रा हर उस विद्यार्थी के लिए उज्जवल उदाहरण है, जो अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में प्रयासरत है।