
जिले के 495 जल निकायों को कराया अतिक्रमणमुक्त
- अगर किसी पब्लिक को अतिक्रमण की जानकारी है तो संबंधित विभाग को सूचना देंजल-जीवन-हरियाली अभियान की समीक्षाजल-जीवन-हरियाली अभियान की समीक्षा
लखीसराय, एक प्रतिनिधि। जल-जीवन-हरियाली मिशन के तहत बुधवार को समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिला राजस्व शाखा द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने की। डीएम ने बैठक में पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी अंचल अधिकारियों से उनके क्षेत्र के कहीं अतिक्रमण है तो उनसे प्रमाणपत्र मांगे और यदि उनके यहां कोई अतिक्रमण नहीं है तो उसका भी प्रमाणपत्र लें। साथ ही जिले वासियों से अनुरोध किया कि अगर किन्ही के पास अतिक्रमण की जानकारी है तो संबंधित सूचना पदाधिकारी को दें ताकि उसे अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सके। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में अतिक्रमित जल निकायों को चिह्नित कर उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराने से संबंधित कार्यों की समीक्षा करना था।

बैठक में बंदोबस्त पदाधिकारी द्वारा जिले में अब तक किए गए जलकर बंदोबस्त की समीक्षा प्रस्तुत की गई। लखीसराय जिले में कुल 5300 जल निकायों का सर्वेक्षण किया गया है, जिनमें से 4805 जल निकाय बिना अतिक्रमण के पाए गए, जबकि 495 जल निकायों पर अतिक्रमण की स्थिति पाई गई थी। प्रशासन ने इन सभी 495 अतिक्रमित जल निकायों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पूरी तरह अतिक्रमण से मुक्त करा लिया है। बैठक के दौरान जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल जीवन हरियाली अभियान को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए और जल निकायों के संरक्षण तथा पुनर्जीवन के लिए निरंतर निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि जल जीवन हरियाली मिशन केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है। बैठक में यह भी बताया गया कि भूदान की जमीन से संबंधित दाखिल-खारिज की प्रक्रिया तथा अन्य राजस्व संबंधी मुद्दों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। जिला राजस्व शाखा द्वारा जल निकायों के साथ-साथ भूदान की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है। इस अवसर पर एडीएम सुधांशु शेखर, डीडीसी सुमित कुमार, एसडीएम प्रभाकर कुमार, डीसीएलआर सितु शर्मा, आपदा प्रभारी शशि कुमार, सहायक निर्वाचन पदाधिकारी राहुल कुमार, डीआरडीए निदेशक नीरज कुमार, नगर परिषद पदाधिकारी अमित कुमार एवं डीपीआरओ विनोद प्रसाद समेत कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल-जीवन-हरियाली से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं और जनता को भी इस अभियान से जोड़कर जागरूकता बढ़ाई जाए।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


