District administration strict after Surat fire - सूरत अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन सख्त DA Image

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सूरत अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन सख्त

सूरत अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन सख्त

1 / 2सूरत के एक कोचिंग संस्थान में अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन सख्त हो चुका है। पिछले दिनों हिन्दुस्तान अखबार में छपी खबर ‘कोचिंग संचालकों को सिर्फ पढ़ाने से वास्ता का लगातार असर देखने को मिल रहा है।...

सूरत अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन सख्त

2 / 2सूरत के एक कोचिंग संस्थान में अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन सख्त हो चुका है। पिछले दिनों हिन्दुस्तान अखबार में छपी खबर ‘कोचिंग संचालकों को सिर्फ पढ़ाने से वास्ता का लगातार असर देखने को मिल रहा है।...

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सूरत के एक कोचिंग संस्थान में अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन सख्त हो चुका है। पिछले दिनों हिन्दुस्तान अखबार में छपी खबर ‘कोचिंग संचालकों को सिर्फ पढ़ाने से वास्ता का लगातार असर देखने को मिल रहा है। पहले शिक्षा विभाग और अब अग्निशमन विभाग लगातार कोचिंग संचालकों को नियम से बांधने में जुट चुके हैं। शहर में दर्जनों ऐसे कोचिंग संस्थान हैं, जहां सुरक्षा मानकों को तनिक भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है। ऐसे में लोगों के जेहन में सवाल उठने लगा है कि क्या सूरत जैसी घटना यहां हो गई तो फिर इसके जिम्मेवार कौन होंगे, कोचिंग संचालक या फिर ऐसे कोचिंग संचालकों को उनकी मनमानी पर छूट देने वाला जिला प्रशासन? इसको देखते हुए शिक्षा विभाग ने बीते मंगलवार को ही एक पत्र जारी कर जिले में चल रहे कोचिंग संस्थानों की लिस्ट मांगी है। वहीं दूसरी तरफ अग्निशमन विभाग कोचिंग संचालकों को सुरक्षा के मद्देनजर सचेत होने का सुझाव दे रहा है। बुधवार को अग्निशमन विभाग की टीम शहर के अलग-अलग कोचिंग संस्थान पहुंची और सुरक्षा मानकों का जायजा लिया। खुद अग्निशमन पदाधिकारी सुभाष प्रसाद भी कोचिंग संचालकों को जागरूक करते दिखे। उन्होंने बीते दिनों सूरत में हुए अग्निकांड का हवाला देते हुए संचालकों को सुरक्षा के प्रति सचेत रहने को कहा। उन्होंने बताया कि तकरीबन 95 फीसदी कोचिंग संचालक सुरक्षा मानकों पर खड़े नहीं उतर रहे हैं। ऐसे कोचिंग संचालकों के बारे में मुख्यालय से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजा जाएगा। समय-समय पर ऐसे कोचिंग संस्थानों की जांच की जाती रहेगी।

कोचिंग संस्थानों को एक से दो दिनों के भीतर औचक निरीक्षण किया जाना है। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि क्या संस्थान के संचालक सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

-सुनयना कुमारी, डीइओ, लखीसराय

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