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पानी के अभाव में डायलिसिस पीड़ित मरीज का इलाज प्रभावित

पानी के अभाव में डायलिसिस पीड़ित मरीज का इलाज प्रभावित

पानी के अभाव में डायलिसिस पीड़ित मरीज का इलाज प्रभावित
हिन्दुस्तान टीम,लखीसरायTue, 28 May 2024 12:15 AM
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लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि।
सदर अस्पताल में आउटसोर्स एजेंसी नेफ्रो प्लस के माध्यम से संचालित डायलिसिस केंद्र में सोमवार को पानी के अभाव में मरीज को डायलिसिस कराने में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह आठ बजे से ही सदर अस्पताल पहुंचे पांच की संख्या में परेशान मरीज ने लगभग साढ़े 12 बजे इसकी शिकायत सदर अस्पताल प्रबंधन से किया। सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के सैदपुर निवासी संजय कुमार सिंह, पिपरिया थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर गांव निवासी मुकेश्वर सिंह ने डीएस को बताया कि वे लोग सुबह आठ बजे से ही भूखे प्यासे डायलिसिस के लिए सदर अस्पताल में आए हुए हैं। साढ़े 12 बज गया अभी तक पानी के अभाव में उनका डायलिसिस शुरू नहीं किया गया। बताया कि उनके अलावे टाउन थाना क्षेत्र के गढ़ी बिशनपुर गांव निवासी अभियान नंद यादव सहित तीन पीड़ित भी डायलिसिस के लिए सुबह से ही अस्पताल में आए हुए हैं। पीड़ित ने डायलिसिस के अभाव में अपनी जान की जोखिम का हवाला देते हुए डीएस से भावनात्मक आग्रह करते हुए डायलिसिस कर्मी को बुलाकर उनका डायलिसिस सुनिश्चित करने का मांग किया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि डायलिसिस कमी जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएस डॉ राकेश कुमार ने अस्पताल प्रबंधक नंदकिशोर भारती के माध्यम से डायलिसिस मैनेजर को तलब किया एवं मरीज की समस्या का हवाला देते हुए डांट फटकार लगाकर अपने कंपनी से बात कर केंद्र में पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रबंधक से तत्काल सदर अस्पताल से पानी की सप्लाई देकर मरीज का डायलिसिस शुरू करने का निर्देश दिया। प्रबंधक ने पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराकर पीड़ित मरीज का डायलिसिस शुरू किया गया। ज्ञात होता डायलिसिस केंद्र स्थित पानी का बोरिंग पिछले दो महीने से अधिक समय से खराब है। जबकि संबंधित आउटसोर्स एजेंसी नेफ्रो प्लस बार-बार एक-दो दिन में बोरिंग सही कराने लेने की बात का कह सदर अस्पताल से पानी का सप्लाई ले रहा था। जिसके कारण सदर अस्पताल में पानी की सप्लाई में परेशानी हो रही थी। प्रबंधन ने दो दिन पहले केंद्र का पानी सप्लाई बंद कर दिया था। अस्पताल प्रबंधक नंदकिशोर भारती ने बताया कि 22 अप्रैल को भी पानी के अभाव में डायलिसिस कार्य प्रभावित होने की जानकारी पर स्वयं सीएस डॉ बीपी सिन्हा अस्पताल पहुंच कर डायलिसिस कर्मी को सख्त चेतावनी देते हुए दो-तीन दिन में पानी की सप्लाई दुरुस्त करने का निर्देश दिया जिस पर कर्मी ने हामी भी भरी थी। ज्ञात हो कि सदर अस्पताल में संचालित डायलिसिस केंद्र में आठ मशीन के माध्यम से प्रतिदिन तीन शिफ्ट में मरीज का डायलिसिस किया जाता है। जिसके एवज राज्य स्वास्थ्य समिति आउटसोर्स एजेंसी को प्रतिमाह 15 से 16 लाख रुपया भुगतान करती है। आउटसोर्स एजेंसी द्वारा संचालित डायलिसिस केंद्र को नियमानुसार स्वास्थ्य विभाग को सिर्फ कंस्ट्रक्शन भवन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी होती है। बाकी अन्य व्यवस्था एजेंसी को स्वयं करना होता है। जिसमें बिजली के लिए अल्टरनेटिंग जनरेटर व पानी के लिए सेल्फ बोरिंग शामिल है। जानकारी के अनुसार डायलिसिस के दौरान एक पीड़ित पर न्यूनतम 120 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। सीएस डॉ बीपी सिन्हा ने बताया कि संबंधित नेफ्रो प्लस एजेंसी को डायलिसिस के लिए आने वाले पीड़ित मरीज को होने वाली परेशानी से अवगत कराकर व्यवस्था सुधार करने को निर्देशित किया जाएगा। तत्काल व्यवस्था में सुधार नहीं होने की स्थिति में राज्य स्वास्थ्य समिति को उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल सदर अस्पताल प्रबंधन के सहयोग से पानी की उपलब्धता के साथ डायलिसिस शुरू कर दिया गया है।

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