
हर घर की एक महिला को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर, आवेदन प्रक्रिया शुरू
बिहार सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य हर परिवार की एक महिला को स्वरोजगार से जोड़ना है। योजना के तहत 10 हजार रुपये की...
लखीसराय, एक प्रतिनिधि। बिहार सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है। इस योजना का संचालन ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के द्वारा किया जा रहा है। योजना का लक्ष्य है कि बिहार के हर घर की एक महिला को स्वरोजगार से जोड़ा जाए ताकि वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होकर उद्यमी के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सके। योजना के अंतर्गत, प्रत्येक परिवार से चुनी गई महिला को पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। स्वरोजगार शुरू करने और उसकी प्रगति के आधार पर महिला को आगे चलकर 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता किश्तों में प्रदान की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण महिलाएं अपने मनपसंद काम की शुरुआत कर सकेंगी और दीर्घकालीन रूप से अपना व्यवसाय विकसित कर पाएंगी। जिले के सभी 7 प्रखंडों में योजना का लाभ दिलाने के लिए जीविका द्वारा संपोषित 580 ग्राम संगठनों के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। शुरुआत में जीविका से संबद्ध स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। महिलाएं अपने ग्राम संगठन के माध्यम से खाता संख्या और आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा कर आवेदन कर रही हैं। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें रोजगार शुरू करने हेतु राशि दी जाएगी। महिलाओं को जागरूक करने के लिए जीविका द्वारा गांव-गांव विशेष बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसके साथ ही राज्य कार्यालय से मिले तीन जागरूकता रथ लखीसराय जिले में लगातार प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इन रथों में टीवी के माध्यम से योजना से संबंधित वीडियो फिल्म चौक-चौराहों, पंचायत भवनों और चौपालों पर दिखाए जा रहे हैं। वर्तमान में हलसी और चानन प्रखंडों में प्रचार अभियान चल रहा है, जबकि शेष प्रखंडों में भी क्रमशः इसका आयोजन होगा। जीविका दीदियां स्वयं महिलाओं को योजना से जोड़ने के लिए अपने स्तर पर कार्य कर रही हैं। उनका प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी भी नियमित अनुश्रवण कर रहे हैं और प्रखंडों में जीविकाकर्मियों को सहयोग प्रदान कर रहे हैं।महिलाओं में इस योजना को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। जीविका दीदियों का कहना है कि इससे न केवल परिवार की आय बढ़ेगी बल्कि महिलाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त होंगी।

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