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केएसएस कॉलेज में आपातकाल पर एकल व्याख्यान

केएसएस कॉलेज में आपातकाल पर एकल व्याख्यान

संक्षेप:

- लोकतंत्र पर मंडराए खतरों पर हुई गंभीर चर्चालोकतंत्र पर मंडराए खतरों पर हुई गंभीर चर्चालोकतंत्र पर मंडराए खतरों पर हुई गंभीर चर्चा

Nov 25, 2025 12:24 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखीसराय
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लखीसराय, हिन्दुस्तान संवाददाता। शहर के पुरानी बाजार चितरंजन रोड स्थित केएसएस कॉलेज परिसर में वाद-विवाद समिति के तत्वावधान में सोमवार को आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक विषय पर एकल व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रो. डॉ. गिरीश चन्द्र पाण्डेय ने की। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में रविन्द्र भारती विश्वविद्यालय, कोलकाता के प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. डॉ. हितेन्द्र पटेल उपस्थित थे।मुख्य वक्ता प्रो. पटेल ने अपने विस्तृत व्याख्यान में कहा कि भारत के इतिहास में वर्ष 1975 का आपातकाल लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए सबसे बड़े संकट के रूप में दर्ज है। उन्होंने बताया कि एक चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार ने आपातकाल लगाकर देश में तानाशाही प्रवृत्ति को जन्म दिया, जिससे कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका जैसी संस्थाएं प्रभावित हुईं।

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उन्होंने कहा कि इस अवधि में प्रेस की स्वतंत्रता पर बड़े पैमाने पर प्रतिबंध लगाए गए, नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ तथा आम जनता भय और दमन के वातावरण में जीने को मजबूर हो गई।प्रभारी प्राचार्य डॉ. पाण्डेय ने भी अपने अध्यक्षीय संबोधन में आपातकाल के दौरान आम लोगों पर हुए अत्याचारों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों के मौलिक अधिकार सर्वोपरि होते हैं, और आपातकाल ने इन अधिकारों को कुचलने का दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इतिहास की इन घटनाओं से सीख लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं एवं स्वतंत्रता की रक्षा के प्रति जागरूक रहें।कार्यक्रम का मंच संचालन वाद-विवाद समिति के संयोजक अमीत किशोर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन इतिहास विभाग के डॉ. साकेत कुमार रवि ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के कई सुदर्शन प्रियदर्शी, डॉ. अनवर इकबाल, अमीत कुमार, कीर्ति कुमारी, निर्मल आनंद, ब्रजेन्द्र कुमार ब्रजेश, डॉ. सुस्मिता सोनी, स्मृति कुमारी, डॉ. शुभाशीष राम सहित अन्य शिक्षण-गैर-शिक्षण कर्मी मौजूद थे।व्याख्यान में महाविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें साहिल कुमार, लक्ष्मी, खुशी, प्रितम आनंद, दीपा, नन्दिनी सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।