Hindi NewsBihar NewsLakhisarai News10 Sentenced in Two Assault Cases by Lakhisarai Court
दो अलग-अलग मारपीट के मामले में 10 लोगों को मिली सजा

दो अलग-अलग मारपीट के मामले में 10 लोगों को मिली सजा

संक्षेप:

लखीसराय कोर्ट ने दो अलग-अलग मारपीट के मामलों में 10 लोगों को सजा सुनाई है। पहले मामले में पांच लोगों को 10 साल से लेकर एक महीने तक की सजा दी गई, जबकि दूसरे मामले में पांच अन्य अभियुक्तों को 10 साल की सश्रम सजा सुनाई गई। इन मामलों में गंभीर चोट और जानलेवा हमले के आरोप थे।

Jan 28, 2026 01:32 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखीसराय
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लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम राजन कुमार की कोर्ट ने मंगलवार को दो अलग-अलग मारपीट के मामले में कुल 10 लोगों को सजा सुनाया है। अपर लोक अभियोजक एपीपी हरेराम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने सूर्यगढ़ा थाना कांड संख्या 283/08 के मामले में सुनवाई करते हुए खेमतरनी स्थान निवासी नंद किशोर यादव, सोहन यादव, मदन यादव, नागपाल यादव एवं बबलू यादव को आईपीसी की धारा 307 में दस वर्ष, धारा 452 में पांच वर्ष, धारा 379 में तीन वर्ष, धारा 504 में दो वर्ष, धारा 323 में एक वर्ष, धारा 337 में छह माह एवं धारा 341 में एक महीने की सजा सुनाया गया।

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वहीं सभी धाराओं में अलग-अलग जुर्माना के साथ ही जुर्माना नहीं दिये जाने पर अलग-अलग अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है। सभी सजा के साथ साथ चलने की बात कहा गया है। उन्होंने बताया कि घटना छह अक्तूबर 2008 का है। सूचक सह खेमतरनी स्थान निवासी स्व. महावीर यादव के पुत्र रामवरण यादव के अनुसार उपरोक्त सभी लोग छह अक्तूबर 2008 को एक साथ पहुंचकर एक केस में गवाही नहीं देने की धमकी देते हुए मारपीट करने लगे। इस दौरान उनकी चचेरी बहन विद्या देवी पहुंची तो उसके सिर पर फरसा से जान मारने की नियत से प्रहार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं सूचक के भाई कजू यादव आया तो उसके साथ भी जान मारने की नियत से मारपीट की थी। मामले में सुनवाई करते हुए उपरोक्त सभी अभियुक्त को कोर्ट ने सजा सुनाया। अभियोजन पक्ष से एपीपी हरेराम शर्मा एवं बचाव पक्ष से अधिवक्ता जयशंकर सिंह कोर्ट में जिरह किया। जबकि एक अन्य मामले में सूर्यगढ़ा मानिकपुर कांड संख्या 44/15 में फैसला सुनाते हुए अभियुक्त सह मिल्की मुस्तफापुर निवासी राजेंद्र सहनी, दिलीप सहनी, वकील सहनी, मुनचुन कुमार व सूरज कुमार को धारा 307/149 में 10 वर्ष तक सश्रम सजा सुनाया। एपीपी हरेराम शर्मा ने बताया कि कांड के सूचक मिल्की मुस्तफापुर निवासी नुनूलाल सहनी के पुत्र विपिन सहनी के अनुसार छह मार्च 2015 को उसके भाई के दोस्त बलराम कुमार एवं धनराज कुमार मिलने आए थे। उसी दौरान उपरोक्त अभियुक्त पहुंचे व गाली गलौज व मारपीट करने लगे। इसी दौरान उसके भाई सौरभ के आने पर उसके साथ मारपीट किया। जब उसके पिता नूनूलाल सहनी व परिवार के मुकेश सहनी एवं शंकर सहनी आए तो उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया था। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 307/149 में दस वर्ष सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपया जुर्माना लगाया, जुर्माना नहीं दिये जाने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है। बचाव पक्ष से अधिवक्ता जय किशोर सिन्हा जिरह कर रहे थे।