DA Image
27 सितम्बर, 2020|2:33|IST

अगली स्टोरी

जहां हुआ कटाव रोधी कार्य वहीं रिसाव शुरू

default image

दिघलबैंक प्रखंड के पश्चिमी छोड़ से बह रहे कनकई नदी के धार में पत्थरघट्टी पंचायत के ग्वाल टोली के पास आये परिवर्तन से पूरे पत्थरघट्टी पंचायत पर खतरा मंडराने लगा है। जहां से नदी ने अपना नया धार बना लिया है।

रविवार को अचानक से उस जगह से एक बार फिर से जल रिसाव प्रारंभ हो गया जहां पर दो दिन पहले हीं बेम्बू पाईिंलग और बालू के भरे हुए बोरे से कटावरोधी कार्य पूरा किया गया था। लोगों ने अपने स्तर से प्लास्टिक तथा अन्य समानों का व्यवस्था कर तत्काल जल रिसाव को रोकने का प्रयास किया। यही नहीं इस दौरान पंंचायत के लोगों ने एक बार फिर से एक त्राहिमाम संदेश जिला पदाधिकारी को लिखित रूप में भेजते हुए अविलंब कार्रवाई और राहत कि मांग की।

डीएम के निर्देश पर सोमवार को जिला आपदा पदाधिकारी राहुल वर्मन सीओ तथा कार्यपालक अभियंता जल निस्सरण विभाग के साथ पत्थरघट्टी पंचायत के ग्वाल टोली का दौरा किया।

उन्होंने कनकई नदी द्वारा बनाये जा रहे नये धार और उस पर हुए कटावरोधी कार्य जायजा लेते हुए बताया कि नदी ने वास्तव में अपना धार बदला है और इसे अविलंब रोकने की आवश्यकता भी है। यह कैसे और कबतक किया जायेगा इस बात को लेकर उन्होंने कहा कि वे जिला पदाधिकारी के निर्देश पर यहां जायजा लेने आये थे और जो देखा है वह रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को दे देंगे। आगे की कार्रवाई उनके निर्देश पर किया जाएगा।

वहीं मौके पर मौजूद पत्थरघट्टी पंचायत के मुद्दसिर आलम, नवाब आलम, जकी रेजा, मुस्तफिर आलम, जमील अख्तर, अहमद हुसैन, युनूस आलम आदि लोगों ने बताया कि अगर अली चौक से ग्वाल टोली होते हुए दोदरा तक जाने के रास्ते पर हुए कटाव को बंद नहीं किया गया तो नदी के नये रास्ते को रोकना संभव नहीं है। यही नहीं लोगों ने प्रशासन से अविलंब इस सड़क के दोनों ओर बोल्डर पीचिंग करते हुए इसके पक्कीकरण कि मांग की है। जिससे आने वाले समय में पूरे पत्थरघट्टी पंचायत को कनकई नदी के कहर से बचाया जा सके।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Where the anti-erosion work took place the leak started