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23 अक्तूबर, 2020|8:58|IST

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शिक्षिका नहीं बने पीठासीन पदाधिकारी

शिक्षिका नहीं बने पीठासीन पदाधिकारी

विधानसभा चुनाव में जिले के अधिकांश शिक्षिकाओं का पीठासीन पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्ति को लेकर प्रशिक्षण का निर्देश जारी होने के बाद में शिक्षिका परेशान हैं। इसे लेकर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रागीबुर्रहमान के नेतृत्व में संघ ने सोमवार को डीएम के कार्यालय में एक आवेदन सौंपा। दिए गए आवेदन के अनुसार विधानसभा चुनाव को लेकर मंगलवार से मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण प्रारंभ है। पीठासीन पदाधिकारियों के रूप में जिले के अधिकांश शिक्षिकाओं की प्रतिनियुक्ति की गई है।

जिस पर शिक्षक संघ ने अपनी आपत्ति दर्ज किया है। जिलाध्यक्ष रागीबुर्रहमान ने कहा कि शिक्षिकाओं को मतदान कराने का पूर्व का कोई अनुभव नहीं है। इससे पहले के चुनाव में शिक्षिकाओं को उनके निवास स्थान के निकट के मतदान केंद्रों में पर्दानशीं मतदाताओं को पहचानने हेतु प्रतिनियुक्ति होती रही है एवं जिला व प्रखंड मुख्यालयों के एक या दो मतदान केंद्र को मॉडल मतदान केंद्र के रूप में बनाने पर उक्त मतदान केंद्रों में महिलाओं की प्रतिनियुक्ति की जाती रही है। लेकिन इस बार अधिक संख्या में महिलाओं की प्रतिनियुक्ति से शिक्षिकाएं परेशान हैं।

शिक्षक संघ ने कहा कि महिलाओं को अगर पीठासीन पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्ति किया जाता है तो उन्हें मतदान के पूर्व की रात में मतदान केंद्रों में गुजारनी पड़ेगी, साथ ही मतदान संबंधी सभी सामग्री को मतदान के पश्चात जिला मुख्यालय स्थित चुनाव आयोग द्वारा चिन्हित स्थान पर पहुंचाना पड़ेगा। सारी सामग्रियों को जिला मुख्यालय में जमा करने में लगभग देर रात अथवा दूसरे दिन तक का भी इंतजार करना पड़ता है। शिक्षक संघ ने शिक्षिकाओं को पीठासीन पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्ति को रद्द करते हुए उन्हें उनके निवास स्थान के निकट के मतदान केंद्रों में पर्दानशीं महिलाओं को पहचानने हेतु प्रतिनियुक्त करने डीएम से किया है।

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  • Web Title:Presiding officer not become a teacher