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24 अक्तूबर, 2020|5:58|IST

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पेड व फेक न्यूज पर रहेगी गहन निगरानी

पेड व फेक न्यूज पर रहेगी गहन निगरानी

चुनाव संबंधी पेड व फेक न्यूज पर गहन निगरानी रखी जा रही है। प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर आनेवाले न्यूज व विज्ञापन की मॉनिटरिंग के लिए एमसीएमसी कोषांग गठित कर दी गयी है। बुधवार को उपविकास आयुक्त मनन राम की अध्यक्षता में उनके कार्यालय वेश्म में मीडिया, एमसीएमसी कोषांग तथा व्यय और अनुश्रवण कोषांग के नोडल पदाधिकारी की हुई बैठक में यह जानकारी साझा की गयी।

उप विकास आयुक्त ने दोनों कोषांग के संचालन के बारे में समीक्षा की। व्यय और अनुश्रवण कोषांग से संबंधित एफएसटी, एसएसटी, वीएसटी के द्वारा की जा रही जांच और अन्य कार्रवाई की समीक्षा करते सारी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया गया। कोषांग में शैडो ऑब्जर्वेशन रजिस्टर, व्यय, लेखा पंजी व एविडेंस फोल्डर का नियमानुसार रख रखाव व संधारण करने का भी निर्देश दिया गया। मीडिया व एमसीएमसी कोषांग की समीक्षा के क्रम में पेड व फेक न्यूज पर गहन निगरानी का निर्देश दिया गया।

इस कोषांग के नोडल पदाधिकारी डीपीआरओ रंजीत कुमार ने बताया कि प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर आनेवाले न्यूज और विज्ञापन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके लिए पालीवार अधिकारियों और कर्मियों को प्रतिनियुक्त कर दिया गया है। व्यय कोषांग से समन्वय स्थापित कर नियमों का उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए नजर रखी जा रही है।

इन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों के पूर्व प्रमाणीकरण और सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप न्यूज ग्रुप, फेसबुक पेज, न्यूज पोर्टल, केबल टीवी, यू ट्यूब चैनल पर नजर रखने के लिए एमसीएमसी कमेटी व कोषांग मुस्तैदी से कार्य करना प्रारंभ कर चुकी है।

पेड व फेक न्यूज व गलत सूचना देने पर संबंधित ग्रुप व लोगों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगीइस बार चुनाव में सोशल मीडिया को स्कैनिंग करने के लिए एमसीएमसी कमेटी को सहयोग करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया एक्सपर्ट भी रहेंगे। सोशल मीडिया एवं इंटरनेट मैसेंजर, स्मार्टफोन एप्लीकेशन के आगमन से बड़े स्तर पर संचार में सुविधा हो रही है। लेकिन चुनाव के दौरान इसके जरिए पेड व फेक न्यूज व गलत सूचना देने पर संबंधित ग्रुप व लोगों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

उप विकास आयुक्त सह वरीय नोडल पदाधिकारी मीडिया, एमसीएमसी कोषांग मनन राम ने बताया कि गलत सूचना, एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप, जाति धर्म, वर्ग भाषा के आधार पर प्रचार-प्रसार कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्ण प्रमाणीकरण एमसीएमसी के माध्यम से कराना भी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा। यह स्पष्ट है कि कोई न्यूज यदि पेड न्यूज साबित होता है तो कमेेटी की अनुशंसा पर आरओ द्वारा अग्रेतर कार्रवाई के लिए संबंधित को नोटिस किया जाएगा।

पेड न्यूज साबित होने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 171(ज) के उल्लंघन के लिए प्रकाशन के अभियोजन हेतु कार्रवाई भी की जा सकती है। विभिन्न चैनलों, सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म फेसबुक पेज, पोर्टल, व्हाट्सएप एप्स, न्यूज ग्रुप, यू ट्यूब चैनल, केबल टीवी एफएम रेडियो, सिनेमा हॉल इत्यादि पर किसी भी तरह के राजनीतिक विज्ञापन के प्रसारण के पूर्व एमसीएमसी कमेटी से पूर्व प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक चुनाव लड़नेवाले अभ्यर्थियों को नामांकन के समय अपना ईमेल आईडी के साथ अपने सोशल मीडिया अकांउट की विस्तृत जानकारी प्रारुप 26 में शपथ पत्र दाखिल करते समय देना होगा।

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