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3 अगस्त, 2020|11:17|IST

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नेपाल गोलीबारी मामले की जांच शुरू

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किशनगंज। संवाददाता

भारत-नेपाल सीमा स्थित टेढ़ागाछ के फतेहपुर थाना क्षेत्र से सटे नो मेंस

लैंड में 18 जुलाई को नेपाल एपीएफ जवान के द्वारा भारतीय युवक जितेन्द्र

कुमार सिंह पर गोली चलाने की घटना की जांच बुधवार को एसडीपीओ अनवर जावेद

अंसारी ने की। किशनगंज के एसपी कुमार आशीष के निर्देश पर एसडीपीओ अनवर

जावेद फतेहपुर के पास भारत-नेपाल सीमा पहुंचे । फतेहपुर थानाध्यक्ष,

एसएसबी के अधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधि भी जांच के दौरान मौजूद थे।

एसडीपीओ तीन सौ मीटर स्थित नेपाल क्षेत्र में भी गए। वहां नेपाल के

अधिकारियों से वार्ता की। इस दौरान दोनों पक्षों की बातों को सुनी गई।

जांच के दौरान यह पाया गया कि जो माफी टोला के ग्रामीण ग्रामीण मवेशी

लाने के लिए नेपाल गए थे। वहां ग्रामीण व नेपाल सुरक्षा बल के बीच पहले

हाथापाई हुई। अन्य नेपाल सुरक्षा जवानों को लगा नो मेंस लैंड में घुसा

ग्रामीण मवेशी तस्कर है। तस्कर समझकर गोली चला दी। बाद में स्पष्ट हुआ कि

ग्रामीण तस्कर नहीं थे। एसडीपीओ अनवर जावेद ने कहा कि ग्रामीण

जितेन्द्र कुमार भी गलत तरीके से नो मेंस लेंड में गए थे। अगर मवेशी चला

गया था तो इसकी जानकारी स्थानीय थाना को देनी थी । लॉकडाउन में नेपाल

सीमा को सील किया गया है। संध्या सात बजे के बाद नेपाल बॉर्डर पर जाना भी

नहीं है। इसके बावजूद भी जितेन्द्र कुमार सिंह गए। उन्होंने कहा कि जांच

अभी पूरी नहीं हुई है। अब तक के जांच में जो भी पाया गया है उसकी रिपोर्ट

वरीय अधिकारी को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि नेपाल सीमा पर इस तरह से

ग्रामीण को नहीं जाना चाहिए। यहां बता दें कि शनिवार की देर शाम फतेहपुर

थाना क्षेत्र अंतर्गत इंडो नेपाल बॉर्डर पिलर संख्या 152 के समीप नेपाल

एपीएफ जवान के गोली से एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों

ने किसी तरह गंभीर रूप से घायल जितेंद्र कुमार सिंह को इलाज के लिए सदर

अस्पताल लाया था। जहां से उसे पूर्णिया रेफर कर दिया था। मामला दो देशों

के बीच होने के कारण बारीकी से घटना की जांच की जा रही

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  • Web Title:Nepal firing case investigation begins