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26 फरवरी, 2021|10:26|IST

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धान का बिचड़ा 50% से भी कम तैयार

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जिले में समय पर मानसून के आगाज होने के बाद धान के खेतों की तैयारी में किसान जुट गए हैं। वहीं धान के बिचड़े भी लगाए जा रहे हैं। लेकिन कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक पचास फीसद से भी कम बिचड़े का आच्छादन हो सका है। 13 जून से लगातार मानसून की बारिश जिले में हो रही है। ऐसे में किसानों को इस बार खरीफ फसल में धान के बेहतर उत्पादन होने की उम्मीद जगी है।

कृषि विभाग की मानें तो जिले में इस बार धान आच्छादन का लक्ष्य 83 हजार हेक्टेयर में रखा गया है। जिसमें अभी 83 सौ हेक्टेयर में बिचड़ा आच्छादन के लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 2657 हेक्टेयर में बीज का आच्छादन हो पाया है। यानि पचास फीसद भी बीज का आच्छादन नहीं हो पाया है। इसके अलावा 2 हजार हेक्टेयर में मक्का आच्छादन का लक्ष्य है। दलहनी फसलों में अरहर के आच्छादन का लक्ष्य 680 हेक्टेयर, उड़द का 410 हेक्टेयर में लक्ष्य रखा गया है। जबकि मूंग का 30 हेक्टेयर में आच्छादन हो चुका है। धान आच्छादन के लक्ष्य की बात करें तो सबसे अधिक कोचाधामन प्रखंड में 13047 हेक्टेयर में धान आच्छादन का लक्ष्य रखा गया है। वहीं सबसे कम किशनगंज प्रखंड में 11078 हेक्टेयर में धान आच्छादन का लक्ष्य है। जबकि धान का बिचड़ा आच्छादन की बात करें तो किशनगंज प्रखंड में 1108 के विरुद्ध 720, कोचाधामन में 1305 के विरुद्ध 335, बहादुरगंज में 1172 के विरुद्ध 355, दिघलबैंक में 1165 के विरुद्ध 270, ठाकुरगंज में 1161 के विरुद्ध 310, पोठिया में 1189 के विरुद्ध 297 व टेढ़ागाछ में 1200 के विरुद्ध 370 हेक्टेयर में बिचड़ा का आच्छादन हो चुका है।