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23 सितम्बर, 2020|8:48|IST

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मौसमी बीमारियों का बढ़ा प्रकोप

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जिले के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी एक बड़ी समस्या है और यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। जिले के सदर अस्पताल सहित पीएचसी में डॉक्टरों की घोर कमी है। जिस कारण मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पाता है। इस स्थिति में मरीजों को निजी नर्सिंग होम की ओर रुख करना पड़ता है।

हम बात करें सदर अस्पताल की तो यहां भी काफी कम डॉक्टर हैं। स्वीकृत पद से बहुत कम डॉक्टर हैं। इतने कम डॉक्टर में किसी तरह मरीजों का इलाज होता है। 33 की जगह 11 डॉक्टर सदर अस्पताल में हैं। यहां फिजीशियन एवं विशेषज्ञ डॉक्टर की भी कमी है। हाल के दिनों में मौसम परिवर्तन होने से मौसमी बीमारी बढ़ी है। जिसमें बुखार, दस्त, उल्टी एवं सांस से जुड़े अधिक मामले आ रहे हैं। सोमवार को सदर अस्पताल में इसकी पड़ताल की गई। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। इसमें अधिक लोगों ने बताया की उन्हें बुखार एवं सर दर्द है।

वहीं ड्यूटी पर तैनात नर्स ने बताया कि अभी बुखार, दस्त, उल्टी एवं सांस की शिकायत के मरीज अधिक आ रहे हैं। जिन्हें भर्ती किया जाता है। वहीं डॉक्टर की कमी एवं दवा की उपलब्धता को लेकर सीएस डॉ श्री नंदन ने बताया कि डॉक्टर की कमी को लेकर विभाग को अवगत कराया गया है। वहीं मौसमी बीमारी को लेकर कहा कि इसे देखते हुए पूर्व में दवा, इन्जेक्शन, ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था की जा चुकी है।

सदर अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। बाहर से कोई दवा नहीं खरीदी गई है। हालांकि उन्होंने बताया की जब बाहर से दवा की जरुरत होती है तो इसकी खरीद की जाती है। हालांकि वर्तमान समय में ऐसे मौसमी बीमारी के सभी दवा उपलब्ध है। इधर लोगों ने कहा इलाज कराने आते हैं लेकिन कभी चिकित्सक तो कभी कोई कर्मी ही अस्पताल में नहीं मिलते हैं इससे परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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  • Web Title:Increased outbreak of seasonal diseases