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28 नवंबर, 2020|4:01|IST

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सुपर ग्रिड निर्माण की उम्मीद जगी

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दो साल बाद ठाकुरगंज में सुपर पावर ग्रिड का निर्माण होने की उम्मीद जगी है। डीएम डा. आदित्य प्रकाश की पहल के बाद ठाकुरगंज प्रखंड के चुरली से सटे बोथरा में 18 एकड़ जमीन चिन्हित कर प्रपोजल राज्य मुख्यालय को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। सिर्फ विभाग से स्वीकृति का इंतजार है। स्वीकृति मिलते ही पावर ग्रिड का निर्माण कार्य शुरु हो जाएगा।

बतातें चले कि वर्ष 2018 में सरकार द्वारा ठाकुरगंज में सुपर पावर ग्रिड बनाने की स्वीकृति दी थी। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया भी हो गयी। 2019 के जनवरी में इसका टेंडर गोदरेज कंपनी को मिला। करीब सौ करोड़ से अधिक राशि से सुपर पावर ग्रिड का निर्माण होना है। टेंडर हुए भी डेढ़ साल से अधिक हो गया। लेकिन हकीकत है कि इतने दिनों में पावर ग्रिड निर्माण की ईंट भी नहीं डाली जा सकी है। सुपर पावर ग्रिड बनने से जिले के उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली मिलने का सपना पूरा होगा। साथ ही नगर सहित ग्रामीण इलाकों में लोड अधिक होने के कारण लो वोल्टेज सहित अन्य फॉल्ट से भी निजात मिलेगा। इसके निर्माण होने से करीब दस किलोमीटर फीडर इलाके में गड़बड़ी को तुरंत ठीक किया जा सकेगा।

अभी स्थिति है कि यहां चाय निर्माण सहित कुछ अन्य फैक्ट्रियां भी लगी है। लेकिन यहां बिजली के समस्या के कारण फैक्ट्री संचालकों को काफी समस्या उठानी पड़ती है। बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण बड़े उद्योगपति यहां अपनी फैक्ट्रियां लगाने में परहेज कर रहे हैं।

बंगाल व नेपाल को हो सकेगी सप्लाई: सुपर ग्रिड निर्माण से ठाकुरगंज बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा। इसके अलावा भविष्य में नेपाल और बंगाल को भी बिजली सप्लाई की जा सकेगी। ठाकुरगंज में करीब एक लाख उपभोक्ता है। यहां लोड भी ज्यादा है। यहां संचालित कई फैक्ट्रियां भी है जो बिजली समस्या से जूझ रही है।

इन्हीं समस्या को देखते यहां पावर ग्रिड की स्थापना का निर्णय सरकार ने लिया था।क्या कहते हैं जिलाधिकारी इस संबंध में जिलाधिकारी डा. आदित्य प्रकाश ने बताया कि ठाकुरगंज में सुपर पावर ग्रिड के निर्माण के बोथरा के समीप जमीन चिन्हित कर प्रपोजल मुख्यालय को भेज दिया गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण की दिशा में काम शुरु होगा।